श्रावस्ती। शिक्षा विभाग की ओर से विद्यार्थियों को यूनिक आईडी देने के लिए उनकी अपार आईडी बनाई जा रही है। इसके तहत अब तक 1,52,399 विद्यार्थियों की अपार आईडी बन चुकी है। अपार आईडी बनाने की सुस्त चाल तेज करने के लिए विभाग ने नए नियम जारी किए हैं। इससे अब आसानी से अपार आईडी बन सकेगी।
विद्यार्थियों के अभिलेखों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने के लिए अपार आईडी बनवाई जा रही है। आधार व अन्य अभिलेखों में नाम मेल न होने से अपार आईडी बनाने में शिक्षकों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, विद्यार्थियों को भी आधार संशोधन में भी मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में विभाग ने नियम संशोधित करके आईडी बनाने की प्रक्रिया सरल की है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से जारी निर्देश में विद्यार्थी के जन्म प्रमाणपत्र में दर्ज नाम व जन्मतिथि को यू-डाइस प्लस पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। आधार कार्ड में नाम मिसमैच होने पर माता-पिता विद्यार्थी के नाम में संशोधन के लिए प्रार्थना पत्र देकर विद्यालय के अभिलेखों में सुधार करा सकते हैं। डीआईओएस मिथिलेश कुमार ने बताया कि नियमों में छूट से अपार आईडी बनाने के काम में तेजी आएगी। अब तक 2,07,813 में से 1,52,399 विद्यार्थियों की अपार आईडी बनी है। इसमें माध्यमिक विद्यालयों के 49,847 में 22,016, परिषदीय विद्यालयों में 1,47,092 में से 1,26,545 व मदरसा के 10,874 में से 3,838 विद्यार्थियों की अपार आईडी बनी है।