श्रावस्ती। प्रदेश में बर्ड फ्लू के दस्तक देने से पशुपालन विभाग भी अलर्ट हो गया है। इसके रोकथाम के लिए विभाग की ओर से जिले में रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया गया है। साथ ही पक्षियों की संदेहास्पद रूप से होने वाली मौत पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
बर्ड फ्लू से बचाव के लिए पशुपालन विभाग की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। हालांकि अभी तक जिले में बर्ड फ्लू के कोई भी केस सामने नहीं आए हैं। फिर भी विभाग की ओर से चार रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में एक पशु चिकित्साधिकारी, एक पशुधन प्रसार अधिकारी व दो सहायकों को शामिल किया गया है। यह सभी अपने-अपने क्षेत्रों में पक्षियों की सेहत पर नजर रखेंगे। यह जानकारी देते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ मानव ने बताया कि जिले में करीब 30 पोल्ट्री फार्म व 51 हजार 308 मुर्गी हैं। सभी पोल्ट्री फार्म संचालकों को सफाई रखने व मुर्गियों में बीमारी के लक्षण दिखने पर तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि बर्ड फ्लू के लक्षण वाले पक्षियों का सैंपल हाई सिक्योरिटी लैब भोपाल भेजकर जांच कराया जाता है। साथ ही एक किलोमीटर के दायरे में सभी पक्षियों को नष्ट कराया जाता है और आवागमन कम करने का भी प्रबंध किया जाता है।
पक्षियों में दिखते हैं यह लक्षण
पक्षियों में बर्ड फ्लू के प्रमुख लक्षण खांसी, छींक, चोंच व आंखों के आसपास स्राव होना होता हैं। साथ ही पंखो का उखड़ना, सिर के चारो ओर सूजन, रंग में परिवर्तन आदि भी लक्षण दिखाई देते हैं।
मनुष्य में यह हो सकते हैं बर्ड फ्लू के लक्षण
संयुक्त जिला चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ श्याम मिश्रा बताते हैं कि बर्ड फ्लू फैलने पर मनुष्य में भी कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं। बुखार, सांस लेने में कठिनाई व मांसपेशियों में दर्द आदि के लक्षण नजर आ सकते हैं।
ये करें उपाय
बर्ड फ्लू फैलने पर संक्रमित पक्षियों के संपर्क में न आएं, हाथों पर धोते रहें, घर की सफाई अच्छी तरह से करें, जहां बर्ड फ्लू फैला हो वहां न जाएं, पक्षी बाजार में जाने से बचें, मांस व अंडे का सेवन करने से पहले अच्छी तरह से उसे उबाल लें।