संयुक्त जिला चिकित्सालय के बगल प्रदर्शन करते एंबुलेंस चालक।
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श्रावस्ती। जीवीईकेएमआरआई एंबुलेंस सेवाओं के चालक सोमवार शाम से हड़ताल पर चले गए। वे वेतन सहित अपनी तीन सूत्री मांगें पूरी करवाना चाहते हैं। एंबुलेंस चालकों की हड़ताल से संयुक्त जिला चिकित्सालय में ही दस मरीजों को एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल पाई। उन्हें निजी साधनों से ही बहराइच जाना पड़ा। चालकों की यह हड़ताल बेमियादी है।
जिले में एंबुलेंस सेवा 108 व 102 का संचालन जीवीईकेएमआरआई द्वारा किया जाता है। सोमवार शाम इन एंबुलेंस के सभी चालक हड़ताल पर चले गए। वे संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में धरने पर बैठ गए।
जीवनदायिनी एंबुलेंस संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के बैनर तले आंदोलित ये चालक पायलेट प्रोजेक्ट के तहत संचालित इस योजना को बंद करके प्रतिमाह स्केल के आधार पर वेतन देने के साथ ही श्रम कानून के तहत आठ घंटे की ड्यूटी व निकाले गए कर्मचारियों की वापसी की मांग कर रहे हैं।
इनका कहना है कि उनका आर्थिक व सामाजिक के साथ ही मानसिक शोषण भी किया जा रहा है। कई बार इसके विरोध में आवाज उठाने के बावजूद उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं। सिर्फ आश्वासन ही दिया गया है। इसलिए वे अपनी मांगें माने जाने तक कार्य बहिष्कार करेंगे।
वहीं दूसरी ओर एंबुलेंस सेवा के चालकों के हड़ताल पर चले जाने के कारण पहले ही दिन इमरजेंसी सेवा से बहराइच व लखनऊ रेफर किए गए दस मरीजों को एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल पाई। इनमें से चार मरीज निजी साधन व अन्य बसों से बहराइच व लखनऊ के लिए रवाना हुए।
सीएमओ डॉ. वीके सिंह ने कहा कि अभी तक एंबुलेंस की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई है। हड़ताल की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। यदि मंगलवार तक हड़ताल समाप्त नहीं होगी तो प्रशासन से समन्वय स्थापित कर कुछ विकल्प निकाला जाएगा।