श्रावस्ती। वर्तमान समय में कोरोना वायरस तेजी से महामारी के रूप में फैल रहा है। इस वायरस के संक्रमण व्यक्ति के संपर्क में आने से लोग संक्रमित हो सकते हैं। अभी तक इस वायरस का कोई इलाज विकसित नहीं हुआ है। ऐसे में वायरस के संक्रमण को रोकने हेतु सभी न्यायालय एवं जन सुनवाई दो अप्रैल तक बंद रहेगी। इसके लिए डीएम ने अधिवक्ताओं को अपील जारी की है। जिसमें उन्होंने कोरोना वायरस के संक्रमण को निष्प्रभावी करने के लिए वादकारियों को न बुलाने तथा अपने कार्यालय व चौकी पर अनावश्यक भीड़ को एकत्र न होने देने में सहयोग की अपील की है।
जिलाधिकारी यशु रुस्तगी द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण को एक वैश्विक महामारी घोषित किया गया है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आप लोगों को इस बीमारी से घबराने की आवश्यकता नहीं है। केवल सावधानी बरतने की जरूरत है। इस बीमारी का फैलाव संक्रमित व्यक्ति के द्वारा खांसने और छींकने पर मुंह एवं नाक से निकलने वाले ड्रॉपलेट्स के माध्यम से होता है। अत: लोग छींकते एवं खांसते समय रुमाल या टिशु पेपर इस्तेमाल करें।
इसके लिये स्वयं जागरूक हों और लोगों को भी जागरूक करें। साथ ही साफ-सफाई बनाए रखें, जिससे की संक्रमण को रोका जा सके। दिन में कई बार साबुन से 20 सेकंड तक भली भांति हाथ धुलें, हाथ न मिलाएं, गले न मिले, भीड़ वाली जगह में न खड़े हो, लोगों से एक मीटर की दूरी बनाए रखें। जिस व्यक्ति को खांसी जुकाम छींक व सांस लेने में दिक्कत हो रही हो उनसे दूरी बनाएं और उसे अलग कमरे में लिटाएं। यदि कोई व्यक्ति विदेश से आ रहा है तो उसकी सूचना प्रशासन को तुरंत दें।
28 मार्च तक न्यायालय न आएं वादकारी
कोरोना के प्रकोप को देखते हुए 28 मार्च तक सिविल न्यायालय में पूरी तरह से अवकाश रहेगा। जबकि अन्य सभी राजस्व न्यायालयों में दो अप्रैल तक कार्य बंद रहेगा। ऐसे में आम जनता, अधिवक्ता व वादकारियों से अपील है कि वह इस दौरान न्यायालय परिसर में न आएं। स्वयं को सुरक्षित रखें तथा शासन व प्रशासन का सहयोग करें। इस दौरान सभी अधिवक्ता विधि व्यवसाय से विरत रहेंगे।
- दिनेश शुक्ला, अध्यक्ष मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन