श्रावस्ती। सिरसिया के गब्बापुर ग्राम पंचायत में 275 बीघे जमीन पर कृषि विज्ञान केंद्र का निर्माण होगा। इसके लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने अपनी अनुमति दे दी है। यह कृषि विज्ञान केंद्र आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमार गंज अयोध्या से संबद्ध रहेगा। इसके निर्माण के साथ ही कृषि क्षेत्र में उन्नति का मार्ग खुलेगा। इस विज्ञान केंद्र के लिए सात वैज्ञानिकों सहित 16 स्थायी पद स्वीकृत भी किए जा चुके हैं।
कृषि के क्षेत्र में श्रावस्ती अभी निचले पायदान पर है। यहां तकनीकि खेती न के बराबर होती है। परंपरागत खेती में किसानों को उनकी उपज की लागत ही ठीक से नहीं मिल पाती। वहीं अब कृषि की दिशा में परिवर्तन का समय आ गया है। सिरसिया की ग्राम पंचायत गब्बापुर में कृषि विज्ञान केंद्र का निर्माण जल्द प्रारंभ होगा। इसके लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने अपनी ओर से अनुमति जारी कर दी है।
यह कृषि विज्ञान केंद्र आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या के अधीन होगा। यह इस विद्यालय का 24वां कृषि विज्ञान केंद्र है। इस विज्ञान केंद्र के लिए राजस्व विभाग ने पहले ही जमीन आवंटित कर दी थी। वहीं आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के इस कृषि विज्ञान केंद्र के सुचारु रूप से कार्य के लिए सात वैज्ञानिकों समेत कुल 16 स्थायी पद स्वीकृत किया हैं। इसके लिए निदेशक प्रसार प्रो. एपी राव को इसका प्रभारी बनाया गया है। यह कृषि विज्ञान केंद्र जल्द ही जमीन पर मूर्तरूप लेने लगेगा।
तीन कमेटियों ने किया निरस्त चौथे ने दी स्वीकृति
जिले में कृषि विज्ञान केंद्र स्थापना की कवायद विगत छह वर्ष से चल रही है। इसके लिए हरिहरपुररानी, सिरसिया व जमुनहा क्षेत्र मे कई जमीन दिखाई गई। कहीं पर जांच समिति ने जमीन को ऊबड़ खाबड़ होने के कारण निरस्त कर दिया तो किसी ने जमीन कम होने के कारण निरस्त कर दिया। जिस जमीन पर अब कृषि विज्ञान केंद्र बनाने की स्वीकृति दी गई है, उसे भी तीन अलग अलग कमेटियों ने निरस्त कर दिया था। निरस्त करने वाली कमेटियों का कहना था कि यह जमीन पहाड़ी नाले के किनारे है।
इसमें बालू की मात्रा ज्यादा है। इसलिए यह निष्प्रयोज्य है। दिल्ली से आई चौथी कमेटी ने इस जमीन को उपयोगी बताया। उनका कहना था कि जब आसपास के किसान इसी जमीन पर फसल उगा रहे हैं तो फिर कृषि विज्ञान केंद्र यहां क्यों नहीं स्थापित हो सकता। इसी आधार को मानते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने इस जमीन को स्वीकृति प्रदान कर दी थी।
गब्बापुर में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने की अनुमति मिल चुकी है। जल्द ही यहां निर्माण कार्य भी शुरू हो जाएगा। फिलहाल भूमि स्वामित्व सहित समस्त औपचारिकताएं जिले स्तर से पूरी हो चुकी है। अब जो भी करना है वह आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज को ही करना है। आरपी राना, उप निदेशक कृषि