श्रावस्ती। जिले में बुधवार दोपहर बाद से आसमान पर बादलों की लुकाछिपी जारी है। कभी धूप तो कभी बदरी के कारण बढ़ी उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वहीं बदहाल सफाई व्यवस्था व जगह जगह व्याप्त कीचड़, जलभराव व उमस के कारण संक्रामक रोग का खतरा भी बढ़ गया है। हालांकि मौसम से बेपरवाह किसानों ने खेतों में धान की रोपाई तेज कर दी है।
तराई में मौसम बार बार रंग बदल रहा है। बुधवार दोपहर तक हुई बरसात के बाद आसमान पूरी तरह से साफ हो गया। गुरुवार सुबह चटकीली धूप निकली। तेज धूप के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल रहा। इसी बीच अचानक दोपहर बाद बादलों की लुकाछिपी का खेल शुरू हो गया, जो पूरे दिन जारी रहा। इस दौरान हव की गति काफी धीमी होने के कारण लोगों को भीषण उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा।
तेज उमस के कारण लोगों को पंखों के नीचे भी पसीने से तरबतर देखा गया। वहीं विगत दिनों हुई बरसात के कारण जगह जगह व्याप्त कीचड़ व जलभराव तथा बदहाल सफाई व्यवस्था के कारण लोगों को अब संक्रामक रोगों का खतरा भी सताने लगा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण गांव की गलियों में कीचड़ व जलभराव के बीच होकर लोग आने जाने के लिए विवश हैं।
वहीं मौसम की बेरुखी व भीषण उमस भरी गर्मी के बावजूद किसान खेतों में धान की रोपाई कर रहे हैं। किसानों को यह भय सता रहा है कि यदि मौसम सामान्य हुआ और धूप निकली तो खेतों में पानी कम हो जाएगा। जिससे रोपाई का कार्य बाधित हो सकता है। ऐसे में किसान जल्द से जल्द धान की रोपाई का कार्य पूरा करने में जुटे हुए हैं।
जर्जर मार्ग बढ़ा रहे परेशानी
भिनगा बहराइच मुख्य मार्ग की पश्चिमी पटरी विद्युत उपकेंद्र भिनगा से खैरीमोड़ तक पूरी तरह से जर्जर है। जिस पर बने बड़े बड़े गड्ढे बने हुए हैं। जबकि पूर्वी पटरी पर एक से डेढ़ फिट ऊंची आरसीसी सड़क का निर्माण करा दिया गया है। वहीं मार्ग के पश्चिमी तरफ नाली निर्माण न होने व लोगों का घर व दुकान बने होने के कारण यहां बरसात का पानी कई कई दिनों तक जमा रहता है।
जिससे पानी व कीचड़ काला पड़ गया है। जिससे उठने वाली दुर्गंध में सांस लेना दूभर है। वहीं बहराइच से भिनगा की ओर आने वाले वाहनों व राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यही हाल खरगौरा मोड़ सेमरी मार्ग, बहराइच जमुनहा मार्ग, सिसवा व पांडेपुरवा बनघुसरा मोड़ मार्ग, भिनगा इकौना मार्ग, भिनगा परसा तथा भिनगा तालबघौड़ा मुख्य मार्ग सहित अन्य मार्गों का भी है। जिनकी पटरियां क्षतिग्रस्त होने, मार्ग पर गड्ढा होने व मार्ग पर कीचड़ व जलभराव के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
बर्बाद हो रही फसल
तराई में दो दिनों तक हुई बरसात के बाद खिली चटकीली धूप व उमस के कारण खेतों में लगी मक्का, मिर्च, भिंडी, अरहर, तरोई, बैगन, लोबिया, अरुई सहित अन्य लतादार सब्जियों की फसल खराब हो रही है। खेतों में जल भराव व भीषण गर्मी के कारण जहां फसल सूख रही है। वहीं कुछ फसलों में कीटों का प्रकोप बढ़ जाने के कारण वह खराब हो चुकी है। जिससे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें बढ़ गई है। यही हाल बागों में लगे तुकमी आमों का भी है। जो अब खराब होने लगे हैं। जिससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।