बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लालबोझा दर्वेश गांव में लगा ताला।- संवाद
श्रावस्ती/गिरंट बाजार। साधन सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध होने का तो दावा कागजी साबित हो रहा है। खाद के लिए समितियों पर पहुंचने वाले किसानों को खाली हाथ वापस लौटकर बाजार से महंगी दर पर खाद व उर्वरक खरीदने की परेशानी उठाना पड़ रही है। जमुनहा क्षेत्र के बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियों की पड़ताल में अधिकांश समितियों पर ताला पड़ा मिला। जो समितियां खुली भी मिलीं, वहां ई-पॉस मशीन खराब होने के कारण वितरण कार्य बंद मिला।
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सोमवार से बंटेगी खाद
बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति मल्हीपुर खुर्द का ताला तो खुला मिला, लेकिन खाद का वितरण नहीं हो रहा था। सचिव राजेंद्र प्रसाद मिश्रा ने बताया कि ई-पॉस मशीन खराब है। इसलिए वितरण कार्य बाधित है। समिति में 400 बोरी डीएपी आई थी, जिसमें से अब 70 बोरी बची है। 534 बोरी यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है। मशीन ठीक कराकर सोमवार से खाद का वितरण किया जाएगा।
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समिति पर लटका मिला ताला
बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति कथरा माफी में ताला लगा मिला। यहां पर कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। सचिव केशवराम वर्मा से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो फोन बंद बताता रहा। समिति बंद होने से यहां पर आने वाले किसानों को हताश होकर वापस लौटकर महंगी दर पर निजी दुकानों से यूरिया खरीदने को विवश होना पड़ा।
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खराब मिली ई-पॉस मशीन
बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लालबोझा दरबेश गांव में ताला लगा मिला। सचिव सुनील कुमार सिंह ने फोन पर बताया कि ई-पॉस मशीन ठीक नहीं है, इसलिए वह घर चले गए हैं। समिति में 700 बोरी यूरिया उपलब्ध है। मशीन को ठीक कराकर सोमवार को खाद बांटी जाएगी।
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किसानों ने बताई आपबीती
जमुनहा क्षेत्र के ग्राम नदईडीह निवासी ननकऊ ने बताया कि वह समिति पर खाद लेने के लिए गए थे, लेकिन पहुंचने पर पता चला कि ई-पॉस मशीन खराब है। ऐसे में उन्हें वापस लौटना पड़ा। अब जब मशीन ठीक होगी तभी खाद मिल सकेगी। ग्राम रघुनाथपुर निवासी सुधांशु ने बताया कि वह समिति पर पहुंचे तो वहां ताला लगा था। उन्हें धान की रोपाई के लिए निजी दुकान से खाद खरीदनी पड़ी है। इसी तरह से लालबोझा दरबेश गांव निवासी शिवचरन ने बताया कि वह जब खाद लेने के लिए गोदाम पर पहुंचे तो वहां ताला बंद मिला। ऐसे में उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।