तुलसीपुर (श्रावस्ती)। संवेदनशील जिले में गलत तरीके से आधार कार्ड बनाने के आरोप में पुलिस ने हरिवंशपुर गांव स्थित कमला मोड़ चौराहे से रकीबुद्दीन को गिरफ्तार किया है। उसके पास से लैपटॉप व अन्य उपकरण बरामद हुए हैं।
पूछताछ में कई अहम जानकारी हाथ लगी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आधार फर्जीवाड़े के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
हरदत्त नगर गिरंट पुलिस को जानकारी मिली थी कि हरवंशपुर गांव स्थित कमला मोड़ चौराहे पर गलत तरीके से आधार कार्ड बनाया जा रहा है। पुलिस ने मौके से बहराइच जिले के नकही निवासी रकीबुद्दीन को पकड़ा। पूछताछ में उसने बताया कि बहराइच के ही मटेरा के ग्राम कुरवारी माफी निवासी साले अयूब खां के साथ पीपल तिराहा स्थित आर्यावर्त बैंक में आधार बनाने का काम करता था। करीब 15 महीने काम करने के बाद उसके साले की आईडी बैंक ने बंद कर दी। इससे दोनों बेरोजगार हो गए।
इस बीच बहराइच के कैसरगंज के अलिहापुर निवासी फखरुद्दीन उर्फ नूर शामी से मुलाकात हुई। उसने 270 रुपये प्रति आधार कार्ड की शर्त पर एनीडेस्क एप इंस्टॉल कर अपना लैपटॉप दिया। आधार कार्ड जब बनाना होता था तो वही लिंक देता था।
एसपी घनश्याम चौरसिया ने बताया कि रकीबुद्दीन के पास से एक लैपटॉप, फिंगर स्कैनर, आयरिस व वेब कैमरा बरामद हुआ है। मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
सवाल जो खटक रहे हैं...
रकीबुद्दीन को आईडी उपलब्ध कराने वाला फखरुद्दीन उर्फ नूर शामी करता क्या है?
क्या यह उसकी आईडी थी या फिर किसी और के माध्यम से काम कर रहा था?
सीमावर्ती श्रावस्ती जिले में क्यों बढ़ रही संदिग्ध गतिविधि?
एनी डेस्क एप से कैसे चल रहा पूरा फर्जीवाड़ा?
सामने आ चुका है पश्चिम बंगाल कनेक्शन
मल्हीपुर क्षेत्र के रामपुर जब्दी का पंचायत सहायक एहसान उल्ला पश्चिम बंगाल के संजीव कुमार व गांव के ही अरविंद यादव के साथ मिलकर आईडी हैक कर आधार कार्ड बना रहा था। एसएसबी, एसओजी व पुलिस टीम ने दो फरवरी को सभी को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि वह ग्राम सचिवालय में ही बैठकर फर्जी आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र भी बनाता था।