बहराइच। मरीजों की बढ़ती संख्या और सीमित ओपीडी व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने महर्षि बालार्क चिकित्सालय परिसर में छह मंजिला नए ओपीडी भवन के निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए जमीन की पैमाइश पूरी कर ली गई है और विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। अनुमति मिलने पर इसका निर्माण अगले वित्तीय वर्ष में शुरू हो सकेगा।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय खत्री ने बताया कि फिलहाल जिला अस्पताल के पुराने भवन में ओपीडी चलाई जा रही है, जहां जगह कम होने के कारण रोजाना भारी भीड़ इकट्ठा हो जाती है। इससे मरीजों और चिकित्सकों, दोनों को ही भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए ओपीडी को नए स्वरूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल के मुख्य गेट पर स्थित पुलिस चौकी और पैथोलॉजी के बीच पार्क के रूप में पड़ी जमीन को नए ओपीडी विंग के लिए चिह्नित किया गया है। तकनीकी टीम से जमीन की पैमाइश करवाकर विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। उम्मीद है कि वर्ष के अंत तक स्वीकृति मिल जाएगी, ताकि वर्ष 2026 के बजट में इसके लिए धनराशि अनुमोदित की जा सके।
नवीन ओपीडी विंग में रहेंगी ये सुविधाएं
छह मंजिला ओपीडी विंग का निर्माण अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ किया जाएगा। लिफ्ट, सेंट्रल एयर कंडीशनिंग सिस्टम, बैठने की व्यापक व्यवस्था, मॉड्यूलर ओपीडी कक्ष, प्रतीक्षालय, पंजीकरण काउंटर, डायग्नोस्टिक यूनिट, वेटिंग एरिया व मरीजों के लिए अलग काउंटर शामिल होंगे।
छह मंजिला भवन का संभावित बजट
निर्माण मानकों, एचआईएस इन्फ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिकल-मैकेनिकल फिटिंग और उपकरणों को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया है कि छह मंजिला ओपीडी विंग के लिए लगभग 55 से 65 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। यह अनुमानित लागत है, अंतिम बजट शासन की स्वीकृति के बाद तय होगा।