तुलसीपुर (श्रावस्ती)। किसान सेवा सहकारी समिति हरदत्त नगर गिरंट में यूरिया उपलब्ध होने के बाद भी शुक्रवार को सचिव ने किसानों को उर्वरक देने से मना कर दिया गया। इससे नाराज किसानों ने समिति के सामने ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। बात बढ़ती देख सचिव ने किसानों को समझाबुझा कर मामला शांत कराया।
गेहूं की सिंचाई कर चुके किसानों को इस समय यूरिया की आवश्यकता है। ऐसे में किसान बाजार में यूरिया लेने की अपेक्षा साधन सहकारी समितियों व कृषि रक्षा इकाइयों को प्राथमिकता दे रहे हैं। उधर समिति पर तैनात सचिवों की ओर से किसानों को मांग के सापेक्ष यूरिया नहीं दी जा रही है।
ऐसा ही कुछ शुक्रवार को जमुनहा के किसान सेवा सहकारी समिति हरदत्त नगर गिरंट में भी देखने को मिला। जहां गोदाम में पर्याप्त यूरिया होने के बाद भी समिति पर आए किसानों को उनकी मांग के सापेक्ष यूरिया नहीं दी गई। इतना ही नहीं सचिव ने गोदाम में ताला बंद कर दिया। इससे नाराज किसानों ने समिति के सामने ही नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
बात बढ़ती देख सचिव ने किसानों से मांग के सापेक्ष यूरिया न होने की बात कह सभी को उपलब्धता के अनुसार खाद देने की बात कही। इस पर किसानों ने प्रदर्शन खत्म किया। इस बारे में सचिव हरिराम ने बताया कि किसानों की मांग के सापेक्ष गोदाम में यूरिया नहीं थी।
आवश्यकता सभी किसानों को है, इसलिए जरूरत के अनुसार किसानों को यूरिया देने के लिए कहा था। यह सुनकर किसान भड़के थे। बाद में सभी को समझाया गया तो वे मान गए। अब उपलब्धता के अनुसार यूरिया वितरित की जा रही है।