श्रावस्ती। सभी आशंकाओं को दर किनार कर दूसरे चरण का कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुक्रवार सुबह नौ बजे से प्रारंभ हुआ। इसके लिए जिले में चार केंद्र बनाए गए थे। इसमें से गिलौला व संयुक्त जिला चिकित्सालय में बनाए गए केंद्रों पर दो सत्र में वेक्सीनेशन किया गया। इस दौरान 582 स्वास्थ्य कर्मियों को टीकाकरण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसमें से 545 कोरोना योद्धाओं का टीकाकरण किया गया।
इस दौरान वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ ही सफाई कर्मी व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। वहीं दूसरी ओर केंद्र पर वह स्वास्थ्य अधिकारी भी मौजूद थे। जिन्होंने पहले चरण में टीकाकरण कराया था। पूर्व में टीकाकरण का लाभ ले चुके स्वास्थ्य कर्मी इसे सुरक्षित बता रहे हैं। इस दौरान कहीं से भी किसी प्रकार की समस्या की सूचना नहीं आई।
टीकाकरण बेहतर तरीके से हो सके। इसलिए जिले में बनाए गए तीनों केंद्रों पर अतिरिक्त चिकित्साधिकारियों के साथ ही एसडीएम की तैनाती की गई थी। वहीं केंद्र के बाहर पंजीकरण कर रहे पुलिस कर्मियों की तैनाती थी। टीकाकरण के दौरान कोई अनाधिकृत व्यक्ति सेंटर पर प्रवेश न करने पाए। इसकी भी व्यवस्था की गई थी। टीकाकरण की पूरी प्रक्रिया सीसी टीवी में दर्ज की गई।
टीकाकरण का ऐसे चला चक्र
सेंटर निर्धारित लक्ष्य टीकाकरण
सीएचसी गिलौला 200 200
सीएचसी भिनगा 100 100
सीएचसी सिरसिया 100 96
जिला अस्पताल प्रथम 100 91
जिला अस्पताल द्वितीय 82 58
टीकाकरण केंद्रों पर अधिकारी रहे मौजूद
कोविड वैक्सीनेशन को लेकर कहीं भी कोई चूक न हो इसलिए जिले में बनाए गए तीनों सेंटर पर एसडीएम सहित चिकित्साधिकारियों की स्थाई तैनाती रही। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद भिनगा में एसडीएम भिनगा प्रवेंद्र कुमार के साथ ही सीएमओ डॉ. एपी भार्गव व डिप्टी सीएमओ डॉ. मुकेश मातनहेलिया मौजूद रहे। जबकि संयुक्त जिला चिकित्सालय में एसडीएम आरपी चौधरी के साथ ही वरिष्ठ फिजीशन डॉ. एनएन पांडे व गिलौला में एसडीएम इकौना राजेश मिश्रा मौजूद रहे।
पहले चरण में टीका लगवाने वाले कर रहे गर्व
पहले चरण में आशंकाओं के बीच टीकारकण करवाने वाले सीएचसी भिनगा अधीक्षक डॉ. विनय वर्मा, चीफ फार्मेसिस्ट एसआर गुप्ता व डॉ. संजय मिश्रा अब पहले चरण के टीकाकरण को लेकर गौरवान्वित हैं। उनका कहना है कि यह अच्छा अवसर था जब पहले चरण में उनका टीकाकरण हुआ। आज करीब छह दिन बीत गए हैं। कोई भी समस्या न तो अपने अंदर देखने को मिली न ही जिन स्वास्थ्य कर्मियों ने टीकाकरण कराया था उनके अंदर ही देखने को मिली।