गिलौला (श्रावस्ती)। बौद्ध परिपथ से होकर बहराइच व बलरामपुर डिपो करीब 44 बसों का नियमित फेरा होता है। इनमें से ज्यादातर बसें गिलौला, इकौना व कटरा में नहीं रुकती। जिससे लोगों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
जिले में परिवहन निगम का डिपो न होने के कारण बहराइच, बलरामपुर व गोंडा सहित अन्य डिपो के सहारे बसें संचालित की जा रही हैं। बौद्ध परिपथ पर इन बसों के रुकने के लिए गिलौला व इकौना में बस अड्डा भी है। जहां बुकिंग क्लर्क व चौकीदार आदि की तैनाती न होने के कारण ज्यादातर बसें इकौना, गिलौला व कटरा में नहीं रुकती। ऐसे में लोगों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
वहीं डग्गामार वाहन चालक अधिक पैसा कमाने के लालच में क्षमता से अधिक सवारी लेकर फर्राटा भरते हैं। इससे आए दिन जहां दुर्घटनाएं होती हैं वहीं जान जोखिम में डालकर लोग सफर करने को विवश हैं।
बुकिंग क्लर्क की हो तैनाती
गिलौला कस्बा निवासी कैलाशनाथ पटवा बताते हैं कि गिलौला से होकर ही बहराइच, बलरामपुर, गोंडा व लखनऊ सहित अन्य महानगरों के लिए बसें संचालित होती हैं। जिनके न रुकने से लोगों को आवागमन के लिए बहराइच व बलरामपुर जाना पड़ता है। जिससे समय व पैसे की बर्बादी होती है। वहीं अनिल दुबे का कहना है कि गिलौला में ज्यादातर बसों के न रुकने से व्यापारियों को असुविधा होती है। गिलौला व इकौना में स्थापित बस अड्डा पर बुकिंग क्लर्क की तैनाती होनी चाहिए, जिससे लोगों को सहूलियत हो।