श्रावस्ती। लोकतंत्र के महापर्व में शामिल होने के लिए दिव्यांगों व बुजुर्गों में भी उत्साह दिखा। अव्यवस्थाओं के बावजूद बूथ पर पहुंचकर बुजुर्ग व दिव्यांगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अपने जीवन के सौ वर्ष पूरे करने वाली जयकोरा अपने पोते का सहारा लेकर बूथ पर पहुंची। जमुनहा के बरगदहा में निशक्त जिबरील अहमद अपने तीन बच्चों के साथ ट्राई साइकिल से मतदान करने पहुंचे।
वहीं जमुनहा निवासी शशि प्रिया अपनी मां के साथ इकौना के खरगौरा बस्ती प्राथमिक विद्यालय में मतदान करने पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वह दूसरी बार अपने मताधिकार का प्रयोग कर रही हैं। शशि प्रिया ने कहा कि यदि मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करेंगे तो देश में निशक्त सरकार से विकास कार्य ठप हो जाएंगे।
वहीं इकौना के ग्राम राजगढ़ गुलहरिया में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहारे से मतदान करने पहुंची गीता देवी ने कहा कि राष्ट्र को शक्तिशाली व समृद्ध बनाने के लिए वह अपने मताधिकार का प्रयोग कर रही हैं। वहीं भवनियापुर में मतदान करने पहुंचे जंगली ने बताया कि वह पहली बार मतदान करके काफी उत्साहित हैं। उन्होंने बेरोजगारी दूर करने वाले व विकास कराने वाले के पक्ष में मतदान किया है।
बूथों पर नहीं मिली व्हीलचेयर
श्रावस्ती। सभी मतदान केंद्रों पर बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं के लिए आयोग ने व्हीलचेयर की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। इस ओर प्रशासन का ध्यान ही नहीं गया। इसका खामियाजा बुजुर्गों व दिव्यांगों को झेलना पड़ा। इकौना के महदेइया में एक बुजुर्ग किसी तरह लड़खड़ाते हुए मतदान के लिए बूथ तक पहुंचे। इस दौरान बूथ पर निरीक्षण के लिए पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दूबे ने बुजुर्ग को अपने कंधे का सहारा दिया। लेकिन यही स्थिति पूरे जिले के 815 बूथों पर रही। कोई अपनों के सहारे तो कोई अन्य की मदद से मतदान के लिए पहुंचा। किसी भी बूथ पर व्हील चेयर मौजूद नहीं था।
धूप में गश खाकर गिरी महिला मतदता
श्रावस्ती। अधिकांश बूथों पर प्रशासन की ओर से पानी के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। वहीं छाया की व्यवस्था भी नदारद थी। बूथों पर केवल मतदान कर्मियों के लिए कहीं-कहीं वाटर कैन रखा गया था। वोटरों के पेयजल व लाइन लगा कर खड़े होने पर छाया की व्यवस्था नहीं दिखी। इससे भिनगा विधानसभा क्षेत्र के जमुनहा बूथ पर धीमी गति से मतदान होने तथा धूप के कारण वोटर रुक्सार शबा बेहोश होकर गिर गई। इससे कुछ समय के लिए बूथ पर अफरातफरी रही। ऐसी ही स्थिति का सामना मतदाताओं को अधिकांश बूथों पर करना पड़ा।
थर्ड जेंडर भी नहीं रहे पीछे
आम लोगों की तरह ही थर्ड जेंडर में भी मतदान के प्रति उत्साह देखने को मिला। इकौना में गरीब जान, मुन्नी बेगम व हेमा भी अपने अधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि वोट देना हमारा अधिकार है, इस लिए हमने मतदान केंद्रों पर पहुंचाकर सशक्त राष्ट्र निर्माण में अपनी भागेदारी निभाई। सबसे पहले मतदान, उसके बाद जलपान। जिले में 24 थर्ड जेंडर हैं। इसमें 19 भिनगा व 5 श्रावस्ती क्षेत्र में हैं।