इकौना (श्रावस्ती)। गैर प्रांतों से चोरी छिप कर आने का सिलसिला नहीं रुक रहा है। शुक्रवार देर शाम ऐसे ही मुंबई से 36 लोगों से भरी एक डीसीएम इकौना पहुंची। सभी लोग बलरामपुर के मथुरा गांव के रहने वाले थे। मुंबई की डीसीएम देख कर इकौना के मझौवा सुमाल के ग्रामीणों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दी, जहां सभी लोगों को सीएचसी लाकर उनकी जांच की जा रही है।
कोरोना को लेकर पूरा देश लॉकडाउन है। इस दौरान जिले की सीमाएं भी सील हैं। इसके बाद भी एक डीसीएम पर सवार 36 लोग कई प्रदेश की पुलिस को चकमा देते हुए शुक्रवार देर शाम मुंबई से श्रावस्ती के इकौना पहुंच गई। जब डीसीएम पर सवार सभी लोग अपने गांव के नजदीक पहुंचने वाले थे कि मुंबई की डीसीएम देख कर ग्रामीणों ने इसकी सूचना इकौना पुलिस को दी। इकौना पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच शुरू की तो पता चला कि डीसीएम में सवार सभी लोग बलरामपुर के थाना ललिया चौकी के मथुरा बाजार के साथ गोंडा जिले के खरगूपुर बाजार के रहने वाले हैं। यह सभी मुंबई में रह कर मजदूरी करते थे।
लॉकडाउन के बाद घर वापसी का कोई साधन न मिलने पर डीसीएम से यात्रा कर घर के किनारे इकौना के मझौवा सुमाल गांव पहुंचे थे। यहां से यह डीसीएम छोड़ कर पैदल गांव के रास्ते राप्ती नदी पार करके अपने अपने गांव पहुंच जाते। लेकिन इससे पहले ग्रामीणों ने इन्हें पकड़ लिया। सभी लोगों को पुलिस सीएचसी इकौना ले आई। जहां उनकी जांच की गई। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय कुमार मिश्रा बताते हैं कि चिकित्सकों की टीम नेे डीसीएमसे लौट रहे 39 मजदूरों की जांच की है। जांच के दौरान सभी के टेंपरेचर सही पाए गए।
सभी को होम क्वारंटीन किया गया है। इसकी सूचना सभी गांव के सीएचसी, पीएचसी सहित स्थानीय पुलिस को दे दी गई है। वहीं प्रभारी निरीक्षक इकौना मनोज पांडेय बताते हैं कि डीसीएम सवार सभी लोग चार दिन पहले मुंबई से चलकर घर आये, लेकिन रास्ते मे खाने लिए कोई होटल नही खुला मिला। उन्हें यहां सीएचसी इकौना से घरों के जाने के लिए रवाना कर दिया गया । इसी प्रकार दिल्ली, अजमेर, देहरादून व मुंबई से भी लोग विभिन्न साधनों से वापस आए हैं। जिनकी जांच कराई गई। किसी के पॉजिटिव न पाए जाने के कारण उन्हें होम क्वारंटीन में रखा गया है।