श्रावस्ती। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को जिले के सभी न्यायालयों में हुआ। इसका शुभारंभ जिला जज के साथ मौजूद एसपी आशीष श्रीवास्तव व अन्य अधिकारियों ने न्यायालय परिसर में दीप जलाकर किया। इस दौरान 3529 मामलों का निपटारा किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ करते हुए जिलाजज रामानंद ने कहा कि इसके माध्यम से अधिक से अधिक वादों का निपटारा किया जाएगा। इस दौरान प्री-लीटिगेशन के 2072 वाद तथा पेंडिग 1457 मामलों का निपटारा किया गया। जिला जज ने दो एमएसीपी के वाद निस्तारित करते हुए हुए 5,60,000 रुपये प्रतिकर दिलाया। चार रिपेमेंट वाद निस्तारित करते हुए 10,35,346 रूपये का जुर्माना लगाया।
अपर जिला जज तेज प्रताप तिवारी ने एमएसीपी के एक वाद का निपटारा कर 415000 रुपये प्रतिकर दिलाया। साथ ही 10 मामले निस्तारित करते हुए 22,000 रुपये का अर्थदंड लगाया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शीतला प्रसाद ने लघु आपराधिक के 780 वाद का निस्तारण कर 74960 रुपये जुर्माना लगाया। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय राकेश कुमार सिंह ने 68 पारिवारिक मामले व 31 भरण-पोषण के मामले सुलह समझौते से निपटाए। वहीं 10 जोड़ो का आपसी सुलह कराकर उन्हें विदा कराया।
सिविल जज प्रवर खंड राहुल दूबे ने फौजदारी के 57 वाद निस्तारित कर 1500 रुपये जुर्माना लगाया। सिविल जज प्रवर खंड प्रशांत कुमार सिंह ने 17 लघु आपराधिक वाद निस्तारित कर 1250 रुपये जुर्माना लगाया।
विभिन्न राजस्व न्यायालयों की ओर से पेंडिंग 493 मामलों का निस्तारण किया गया। प्रीलिटीगेशन वादों में इलेक्ट्रिक सिटी बिल से संबंधित 174 वाद निस्तारित कर 342000 रुपये पर समझौता किया गया। वहीं बीएसनल के तीन वादों का निस्तारण कर 13995 रूपये वसूल किया गया। वहीं बैंक के प्री-लिटीगेशन के 157 वाद निस्तारण कर 13567379 रुपये पर समझौता किया गया। इस दौरान एडीएम योगानंद पांडे, एएसपी बीसी दुबे सहित काफी संख्या में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता व कर्मचारी मौजूद रहे।
छह जोड़ों की घर हुई वापसी
आपसी विवाद के कारण छह जोड़े अलग-अलग रह रहे थे। इसमें एक जोड़ा तो पंद्रह वर्ष से अलग था। न्यायालय में दोनों के बीच मुकदमा भी चल रहा था। पारिवारिक न्यायालय में इन जोड़ों को समझा कर एक कर दिया। लालराम निवासी बरदेहरा का उसकी पत्नी राजरानी से पंद्रह वर्ष पूर्व किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। मामला इतना बढ़ा कि दोनों अलग हो गए व न्यायालय में चलने लगा। ऐसे ही रामसुमिरन व उनकी पत्नी इंद्रपरी, साजिया व जुनेद, सूफियान जनतुल, फातिमा कमरुद्दीन व घनश्याम व पप्पी के बीच भी विवाद चल रहा था। सभी का मामला न्यायालय में चल रहा था. लेकिन पारिवारिक न्यायालय ने शनिवार को दोनों पक्षों को समझाकर घर भेज।