जमुनहा (श्रावस्ती)। ग्रामीण क्षेत्रों में लगे प्रतिबंधित पेड़ों को माफिया निशाना बना रहे हैं। बगैर परमिट रात के अंधेरे में जामुन, शीशम व सागौन के 34 पेड़ों को काट दिया गया। उजाले में अवैध कटान के निशान को मिटाने के लिए जेसीबी का सहारा लिया जा रहा है। इसका प्रमाण त्रिलोकपुर में देखने को मिला।
मल्हीपुर थाना क्षेत्र में लकड़ी माफिया सक्रिय हैं, जिनके द्वारा वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलीभगत कर ग्रामीण क्षेत्रों में लगे प्रतिबंधित पेड़ों को बगैर परमिट काटा जा रहा है। ऐसा ही कुछ क्षेत्र के ग्राम त्रिलोकपुर स्थित सरयू नहर के बगल पश्चिम देखने को मिला। जहां चौरीकोटिया निवासी डा. जहीर के बाग से कई हरे आम के पेड़ तथा उसके पूरब से एक जामुन, तीन शीशम, 30 सागौन के पेड़ को माफिया द्वारा बिना परमिट रात में काट कर गिरा दिया गया।
रात में ही उसका बोटा बना कर वाहनों पर लाद कर भेज दिया गया। अवैध कटान के निशान को छिपाने के लिए माफिया द्वारा भूमि स्वामी से मिलकर जेसीबी लाकर आम के पेड़ो की जड़ों को खोदवाया जा रहा है।
आसपास मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार बिना परमिट के पेड़ों की कटान कर रात को ही उठा लेते हैं। सुबह आकर जड़ को जेसीबी से खोद कर इधर-उधर कर देते हैं। इस बारे में वन क्षेत्राधिकारी हरदत्त नगर गिरंट दिनेश कुमार ने बताया कि हमें आम, शीशम, सागौन व जामुन के कटने के बारे में जानकारी नहीं है। एसडीओ भिनगा आरके श्रीवास्तव ने मामले को संज्ञान में लेते जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही है।