श्रावस्ती। नेपाल के पहाड़ों सहित तराई में विगत कई दिनों से बरसात थमी हुई है। इससे पहाड़ी नालों का जलस्तर घटने लगा है। केन नाले का जलस्तर घटने के कारण भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग पर आवागमन बहाल हो गया है। हालांकि इस मार्ग पर राहगीर सहित वाहन अब भी पानी से होकर आ जा रहे हैं।
वहीं राप्ती ने अपने किनारे पर स्थित खेतों में कटान तेज कर दी है। इससे मंगलवार को करीब 28 बीघा खेत कट कर नदी की धारा में समा गए हैं। नेपाल सहित पहाड़ों व जिले के अन्य हिस्सों में बरसात रुक गई है। इससे राप्ती का जलस्तर अब सामान्य होने लगा है।
घटते जलस्तर के साथ ही नदी की लहरों ने कछार में बसे लालबोझा दर्वेश गांव, खर्च, गौहनिया, मधयनगर, कोलाभार मजगवां, लैबुड़वा, डिंगुराजोत, अशरफ नगर, टिकुइया, सुल्तानजोत, मनिकापुर, वीरपुर, सर्रा, लक्ष्मनपुर सेहरनिया, संगमपुरवा, खरगौरा गनेश, बेलरी, गंगाभागड़, कलकलवा, मुजेहना, शाहपुर कला, कोटवा, भुतहा, खरगौरा बस्ती, दहावर कला, इमिलिया व मझौवा सुमाल में अपने किनारों पर कटान शुरू कर दिया है।
इन गांवों में करीब 28 बीघा खेत व उसमें लगी फसल कट कर नदी की धारा में विलीन हो गई। कई दिनों से बरसात न होने के कारण सिरसिया क्षेत्र में बहने वाले पहाड़ी नालों सहित भिनगा जंगल के मध्य बहने वाले केन नाले का जलस्तर सामान्य हो रहा है। इसके बावजूद भिनगा लक्ष्मनपुर मार्ग स्थित रेहली विशुनपुर डिप पर पानी का बहाव बना हुआ है। यहां बहाव धीमा होने व जलस्तर कम हो जाने के कारण मार्ग पर राहगीरों सहित दो पहिया व चौपहिया वाहनों का आवागमन बहाल हो गया है। हालांकि इस मार्ग पर अभी भारी वाहनों का आवागमन बाधित है।