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बाईस लाख लोगों के लिए जीवन दायिनी होगा पीपीपी माडल का मेडिकल कालेज

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श्रावस्ती। पीपीपी मॉडल पर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा हुई है। इस घोषणा को लेकर अभी तक जिले में कोई आदेश तो नहीं आया है। लेकिन मेडिकल कॉलेज को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। चर्चाएं अधिकारी व आम लोगों के बीच में हैं। अधिकारी मेडिकल कॉलेज को लेकर भूमि चयन को लेकर चिंतित हैं। मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन इकौना में अधिग्रहित हो या फिर भिनगा में। इस पर विचार हो रहा है।
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वहीं आम लोग इस घोषणा से इस बात को लेकर प्रसन्न हैं कि अभी तक उन्हें संयुक्त जिला चिकित्सालय में सर्जरी सहित अन्य कार्यों की सुविधाएं नाम मात्र की भी नहीं मिल पाती थी। वहीं अब मेडिकल कॉलेज मिलेगा जहां हर डिपार्टमेंट स्थापित होंगे। एवं स्थानीय लोगों के साथ साथ नेपाल के जिला बांके व बलरामपुर के शिवपुरा क्षेत्र जो श्रावस्ती से सटा हुआ है। वहां के लोगों को मिलाकर करीब बाईस लाख लोगों को इसका फायदा होगा।
स्थान को लेकर संशय की बनी स्थिति
मेडिकल कॉलेज बनाने को लेकर अभी तक जिले में भले ही शासन से कोई पत्र न आया हो। लेकिन सूचना के बाद स्थान को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। इकौना क्षेत्र के लोग मेडिकल कॉलेज अपने तहसील क्षेत्र में चाहते हैं। तो मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज के दरकार के दावे हो रहे हैं। जिला मुख्यालय भिनगा पर मेडिकल कॉलेज बनाने के पक्ष में दावे करने वालों का कहना है कि इकौना से बलरामपुर की दूरी मात्र बीस किलोमीटर है। जहां पहले ही रिमोट मेडिकल कॉलेज बनाने की प्रक्रिया चल रही है। दूसरी ओर बहराइच में मेडिकल कालेज संचालित हो चुका है। ऐसी स्थिति में भिनगा ही ऐसी जगह है जहां चालीस किलोमीटर की परिधि में कोई बेहतर चिकित्सीय सुविधा नहीं है, इसलिए यहीं मेडिकल कॉलेज बने।
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नेपाल के इन जिलों को होगा लाभ
श्रावस्ती में मेडिकल कॉलेज बनने से नेपाल के सीमावर्ती जिलों को भी लाभ होगा। इसमें भेरीअंचल का जिला बांके के लोग चिकित्सीय सेवा ले सकते हैं। यह जिला श्रावस्ती की सीमा को छूता है। देखा जाए तो करीब पांच लाख की नेपाली आबादी इस मेडिकल कॉलेज से सीधे तौर पर जुड़ जाएगी। इसके साथ ही बलरामपुर जिले के शिवपुरा ब्लाक के लोगों को भी इसका लाभ होगा। इस क्षेत्र के लगभग 35 ग्राम पंचायतें भिनगा से सटी हुई हे। यहां के लोगों को बलरामपुर मेडिकल कॉलेज के बजाए श्रावस्ती स्थित मेडिकल कॉलेज में आने की सुविधा होगी।
बढ़ेगा चिकित्सीय स्तर
जिले में अभी भी एक भी निजी क्षेत्र में बेहतर चिकित्सालय नहीं है। संयुक्त जिला चिकित्सालय अभी शैश्वावस्था में है। यहां चिकित्सकों का अभाव है। इसके चलते संयुक्त चिकित्सालय मात्र रेफरल इकाई के रूप में कार्यरत हैं। मेडिकल कालेज बनने से यहां के लोगों को उच्च चिकित्सीय व्यवस्था प्राप्त होगी। स्वास्थ्य की ही तरह जिले की शिक्षा व्यवस्था भी अभी निमभन स्तर पर है।
मेडिकल कालेज खुलने के बाद यहां के युवाओं को नया मार्ग मिलेगा। इसके साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि श्रावस्ती में मेडिकल कॉलेज को लेकर अभी कोई भी पत्र शासन से प्राप्त नहीं है। शासन से पत्र आए फिर देखा जाए कि मेडिकल कॉलेज कहां स्थापित करने के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं। जैसा शासन का दिशा निर्देश होगा। वैसी कार्रवाई की जाएगी।
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