श्रावस्ती। कोविड-19 टीकाकरण अभियान का पहला चरण जिले में प्रारंभ हो गया। पूरी तैयारी के साथ प्रारंभ हुए इस अभियान का शुरुआती दौर तो धीमा रहा। लेकिन बारह बजे के बाद स्थिति में तेजी आई। जिसके चलते शाम छह बजे तक 300 के सापेक्ष सिर्फ 192 लोगों का टीकाकरण हुआ। इस दौरान कहीं से भी किसी प्रकार की समस्या की सूचना नहीं आई। टीकाकरण बेहतर तरीके से हो सके इसलिए जिले में बनाए गए तीनों केंद्रों पर अतिरिक्त चिकित्साधिकारियों के साथ ही एसडीएम की तैनाती की गई थी। वहीं केंद्र के बाहर पंजीकरण कर रहे पुलिस कर्मियों के अतिरिक्त भी पुलिस बल की तैनाती थी। टीकाकरण के दौरान कोई अनाधिकृत व्यक्ति सेंटर पर प्रवेश न करने पाए। इसकी भी व्यवस्था की गई थी। टीकाकरण की पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी में दर्ज की गई। सीएचसी गिलौला व भिनगा में वहां के अधीक्षक तो जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य विभाग के सफाईकर्मी को टीका लगाकर अभियान की शुरुआत की गई।
10:30 से प्रारंभ हुआ टीकाकरण
टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को साढ़े नौ बजे का समय दिया गया था। लेकिन टीकाकरण अभियान जिले में 10:30 बजे से प्रारंभ हुआ। शुरुआती दौर में नेटवर्क में समस्या होने के कारण टीकाकरण के लिए जनरेट ओटीपी आने में कुछ विलंब हुआ। लेकिन बाद में स्थिति में कुछ सुधार हुआ। जिसके चलते दोपहर 12:00 बजे तक तीनों सेंटरों पर 66 लोगों का टीकाकरण हुआ।
सभी केंद्रों पर एसडीएम व स्वास्थ्य अधिकारी रहे मौजूद
कोविड वैक्सीनेशन को लेकर हाई अलर्ट था। कहीं भी कोई चूक न हो इसलिए जिले में बनाए गए तीनों सेंटर पर एसडीएम सहित चिकित्साधिकारियों की स्थायी तैनाती रही। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिनगा में एसडीएम भिनगा प्रवेंद्र कुमार के साथ ही सीएमओ डॉ. एपी भार्गव व डिप्टी सीएमओ डॉ. मुकेश मातनहेलिया मौजूद रहे। जबकि संयुक्त जिला चिकित्सालय में एसडीएम आरपी चौधरी के साथ ही वरिष्ठ फिजीशन डॉ. एनएन पांडे व गिलौला में एसडीएम इकौना राजेश मिश्रा मौजूद रहे।
पुलिस की रही चौकसी
सभी केंद्रों पर पुलिस की अतिरिक्त व्यवस्था की गई थी। इस दौरान कोई घटना न घटे इसलिए एएसपी बीसी दुबे द्वारा संयुक्त जिला चिकित्सालय, सीएचसी गिलौला व भिनगा का दिन में कई बार सुरक्षा की समीक्षा की गई।
डीएम एसपी भी रहे भ्रमण पर
जिले में बनाए गए तीनों केंद्रों की व्यवस्था देखने के लिए डीएम टीके शिबु व एसपी अरविंद कुमार मौर्य भ्रमण पर रहे। इस दौरान उन्होंने टीकाकरण के आंतरिक व्यवस्था के साथ ही बाहरी व्यवस्था की समीक्षा की।
डर नहीं मन में था उल्लास
कोविड-19 वैक्सीन लगवाने के लिए मेरा नाम सूची में पहले स्थान पर था। सीएचसी अधीक्षक होने के नाते भी मेरी जिम्मेदरी थी कि मैं पहले वैक्सीन लगवाऊं। वैक्सीन लगवाते समय मन में डर का नहीं उल्लास का भाव था कि आज में इसके लिए चयनित किया गया। मैंने वैक्सीनेशन की पूरी प्रक्रिया अपनाई। आधे घंटे बाद बाहर निकला। कहीं कोई समस्या देखने को नहीं मिली। -डॉ. विनय वर्मा, अधीक्षक सीएचसी भिनगा
घर आकर आम दिनों की तरह किया काम
मन में कई तरह के विचार थे। लेकिन सारे विचार वैक्सीन लगवाने के तत्काल बाद ही पॉजिटिव हो गए। वैक्सीन लगवाने के बाद आधा घंटा तक निगरानी में रहा। इस दौरान कोई भी समस्या नहीं हुई। आधे घंटे के बाद घर आ गया। इसके बाद आम दिनों की तरह अपना काम कर रहा हूं। -डॉ. एसआर गुप्ता, चीफ फार्मासिस्ट
सब कुछ आम दिनों की तरह रहा
सीएचसी भिनगा में बनाए गए टीकाकरण बूथ पर मेरा तीसरा नंबर था। टीकाकरण कराने के लिए मन में बहुत उल्लास था। टीका लगवाने के बाद लगा कि यह भी सामान्य टीके की तरह है। कोई भी समस्या नहीं हुई। आधा घंटे का अब्जर्वेशन समय बीताने के बाद मैं वहीं पर ड्यूटी पर लग गया। पूरे दिन ड्यूटी की। सब कुछ आम दिनों की ही तरह बेहतर है। -डॉ. संजय मिश्रा
आधे घंटे बाद लग गया दैनिक कार्य में
संयुक्त जिला चिकित्सालय में बनाए गए टीकारण बूथ पर लिस्ट में मेरा पहले स्थान पर नाम था। इसके लिए मैं खुश था। मैंने सभी प्रक्रिया अपनाकर टीका लगवाया। आधा घंटे तक वहां बैठा। इस दौरान कई स्वास्थ्य कर्मी व अधिकारी मुझसे हालचाल लेते रहे। लेकिन मुझे कुछ ऐसा अहसास नहीं हो रहा था कि कुछ नया है। आधे घंटे के बाद मैं अपने दैनिक कार्य में लग गया। टीका पूरी तरीके से सुरक्षित है। -विश्राम, सफाई कर्मी
कोई समस्या नहीं हुई
टीकाकरण को लेकर पूरे क्षेत्र में बहुत चर्चाएं थी। लेकिन मुझे अवसर मिला कि मैं पहले चरण में अपना टीकाकरण कराऊं। सीएचसी गिलौला में बनाए गए टीकाकरण सेंटर पर टीका लगा। आधा घंटे प्रतीक्षा के बाद मैं बाहर आ गई। सब कुछ बेहतर है। कहीं कोई समस्या नहीं हुई। -कुसुम प्यारी, स्वास्थ्य कर्मी
टीका लगवाकर महसूस कर रही हूं गर्व
मैंने अपने सेवाकाल में बहुत से बच्चों व महिलाओं का टीकाकरण किया है। ठीक उसी तरह यह भी टीकाकरण हुआ। टीका लगने के बाद आधे घंटे तक प्रतीक्षा किया। लेकिन सब ठीक रहा। टीका लगवाने के बाद मैं अपने नियमित सेवा में लग गई। टीका लगवा कर गर्व महसूस कर रही हूं। -उमा रानी, एएनएम