श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट के तथागत हाॅल में शनिवार को आशा दिवस पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आशा बहू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसकी शुरुआत एमएलसी डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय, डीएम अजय कुमार द्विवेदी व एसपी घनश्याम चौरसिया ने द्वीप प्रज्ज्वलित कर की। इस मौके पर बेहतर कार्य करने वाली 18 आशा व तीन बीसीपीएम को सम्मानित किया गया।
सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने प्रत्येक ब्लॉक की तीन-तीन आशाओं को आशा उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। इनमें सुमन, कमलेश गुप्ता, उमा, कलावती व प्रेमलता वर्मा को प्रथम पुरस्कार, प्रीती श्रीवास्तव, अंजू, शांति, मीरा व अंजनी ओझा को द्वितीय पुरस्कार तथा गीता, उर्वशी, अनुसुइया शुक्ला, लज्जू मिश्रा व किरन को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
निशा श्रीवास्तव को प्रथम, पद्मावती को द्वितीय व मंजू यादव को तृतीय आशा संगिनी उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। इसके साथ ही सर्वश्रेष्ठ बीसीपीएम के रूप में बेहतर कार्य करने वाले इकौना के मो. वसीम को प्रथम, हरिहरपुररानी के अखिलेश वर्मा को द्वितीय व सिरसिया के विनोद कुमार श्रीवास्तव को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
एमएलसी ने कहा कि आशा बहू आम जनमानस में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित कार्यक्रमों, नवीन योजनाओं की जानकारी देने व स्वास्थ्य योजनाएं मुहैया करवाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। आशा, जनता और विभागीय योजनाओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही हैं।
श्रावस्ती विधायक ने कहा कि सरकार जन-जन को स्वस्थ रखने के लिए प्रतिबद्ध है। आशाओं की पहुंच जिले के हर गांव के हर घर तक है। डीएम ने कहा कि जन स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर तरीके से गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने के लिए आशा ही सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि जिले में मातृ एवं नवजात की उचित देखभाल के अभाव में मृत्यु दर अधिक है, यह चिंता का विषय है, इसलिए आशाओं का दायित्व बनता है कि, शत-प्रतिशत नवजात व गर्भवती के टीकाकरण में भी अपनी भूमिका निभाएं।
इस दौरान सीएमओ डॉ. एके सिंह, आशुतोष पांडेय सहित सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी, बीसीपीएम व आशाएं मौजूद रहीं।