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गैर इरादतन हत्या के दो आरोपियों को दस वर्ष की कैद व जुर्माना

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गैर इरादतन हत्या में दो को दस वर्ष कैद
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दोनों आरोपियों पर एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया
2001 में मनोहरापुर गांव के निकट हुई थी राजाराम की हत्या
श्रावस्ती। इकौना के मनोहरापुर में वर्ष 2001 में हुई राजाराम तिवारी की हत्या के दो आरोपियों को मंगलवार को दोषी करार दिया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को दस दस वर्ष सश्रम कारावास व एक एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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इकौना थाना क्षेत्र के ग्राम मनोहरापुर निवासी राजाराम तिवारी दो अक्तूबर 2001 को सुबह नौ बजे पड़ोस के गांव गहिला से वापस घर लौट रहा था। रास्ते में पुरानी रंजिश को लेकर बनियापुरवा निवासी महादेव, शिवराम व राधेश्याम ने लाठी डंडे से पीटना शुरू कर दिया। राजाराम की चीख पुकार पर पहुंचे पुत्र सुभाष चंद्र तिवारी व गहिला निवासी मोतीराम एवं गुड्डू को देख तीनों लोग मौके से भाग निकले। गंभीर रूप से घायल राजाराम तिवारी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। सुभाष चंद्र की तहरीर पर इकौना पुलिस ने महादेव, शिवराम व राधेश्याम के विरुद्ध मामला दर्ज कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे के विचारण के दौरान अभियुक्त महादेव की मौत हो गई। इस मामले में मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश सैय्यद मोहम्मद हसीब ने शिवराम व राधेश्याम को गैर इरादतन हत्या का आरोपी मानते हुए दस दस वर्ष सश्रम कारावास व एक एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाया। इस मामले में अभियोजन की पैरवी एडीजीसी क्रिमिनल पृथ्वीराज यादव कर रहे थे। आरोपी शिवराम व राधेश्याम को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जिला कारागार बहराइच भेजा गया है।
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