श्रावस्ती। राप्ती नदी की बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों का शुक्रवार को डीएम ने निरीक्षण किया। उन्होंने तटबंध व जलनिकासी सहित कई अन्य मामलों की समीक्षा भी की। इस दौरान वर्ष 2017 में आई बाढ़ के अनुभव के आधार पर तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
राप्ती नदी में आई बाढ़ के कारण लगभग 134 गांव जमुनहा से लेकर इकौना तक प्रभावित हुए थे। कई गांव के लोग तो महीनों तक बाढ़ से प्रभावित होने के कारण सड़क किनारे आशियाना बनाए हुए थे। जुलाई व अगस्त में आने वाली बाढ़ में जनहानि से बेचा जा सके, इसके लिए डीएम ओपी आर्य ने शुक्रवार को राप्ती बैराज सहित बाढ़ के दौरान प्रभावित होने वाले क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान राप्ती बैराज व बाढ़ खंड के अधिकारियों के साथ मौके पर ही समीक्षा की। उन्होंने लक्ष्मनपुर बैराज के आसपास बनाए गये गाइड बांध, स्परों की स्थिति जानी। बाढ़ से बचाव के लिए जिले में जो भी निर्माण कार्य चल रहा है, उसे समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।
डीएम ने इस दौरान परसा डेहरिया-रेवलिया तटबंध के गैप्स को पूरा करने के लिए चल रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि बाढ़ से पूर्व उनकी सुरक्षा का इंतजाम हो जाएगा। उन्होंने बाढ़ चौकियों का संचालन, जिला एवं तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम की व्यवस्था, राहत कार्यों हेतु नावों की व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था, पशु चारे की व्यवस्था, नाव, मोटर बोट एवं बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ टीम की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
शाहपुर कला, अशरफ नगर, नीवाभारी, गजोधरी, कानीबोझी व परसा खास सहित अन्य गांवों में जाकर वहां संभावित बाढ़ से होने वाले नुकसान का आकलन किया। इस बीच अधिशाषी अभियंता सरयू नहर खंड अजय कुमार, अधिशाषी अभियंता बाढ़ कार्य खंड मिथलेश कुमार व शिवराज शुक्ल सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।