इकौना (श्रावस्ती)। तहसील क्षेत्र इकौना में ग्राम न्यायालय सिविल कोर्ट को लेकर शुक्रवार को अधिवक्ता एक बार फिर लामबंद हो गए। इस दौरान उन्होंने बहराइच-बलरामपुर हाईवे को जाम कर जल्द ग्राम न्यायालय स्थापित कराने की मांग की। हाईवे जाम किए जाने के कारण करीब डेढ़ घंटे तक यातायात बाधित रहा।
इकौना तहसील परिसर में काफी दिनों से ग्राम न्यायालय की मांग की जा रही है। इस मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने यहां ग्राम न्यायालय स्थापना को हरी झंडी दे दी थी। कुछ दिन पूर्व न्यायिक अधिकारियों ने यहां न्यायालय के लिए कक्ष की भी पुष्टि कर दी थी। इसके बाद भी न्यायालय की स्थापना नहीं हो पाई। इसे लेकर समय-समय पर अधिवक्ता आंदोलित हो उठते हैं।
शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने बहराइच-बलरामपुर हाईवे को जाम कर दिया। इस दौरान लगभग डेढ़ घंटे तक हाईवे पर आवागमन ठप रहा। जाम पर बैठे संघ अध्यक्ष दिलीप शर्मा ने कहा कि जनता को सुलभ न्याय दिलाने के लिए हाई कोर्ट की तरफ से सात साल पहले तहसील मुख्यालयों पर सिविल कोर्ट की स्थापना किए जाने का निर्णय लिया गया था।
इसके लिए हाईकोर्ट की मांग पर जिला प्रशासन ने तहसील में अस्थाई रूप से एक भवन भी उपलब्ध करा दिया लेकिन आज तक इकौना में सिविल कोर्ट की स्थापना नहीं की जा सकी। ऐसे में क्षेत्र की जनता को मामूली विवादों के लिए भी जिला मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
इस मामले को लेकर अधिवक्ता संघ ने महीनों हड़ताल करके शासन व प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया था। यही नहीं सिविल कोर्ट को लेकर कई बार न्यायिक कार्य से विरत भी रह चुके हैं लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं हुई। इस संबंध में वकीलों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम इकौना राजेश मिश्रा को सौंपा। इस दौरान संघ पूर्व अध्यक्ष उदयराज त्रिपाठी, पाटेश्वरी प्रसाद मिश्र, अरुणेंद्र कांत सिंह, हुकुमचंद्र त्रिपाठी, रामकुमार शुक्ला, केके श्रीवास्तव व शब्बीर आलम नईमी आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।