श्रावस्ती। विश्व पर्यावरण दिवस पर बुधवार को भिनगा, हरदत्त नगर गिरंट, ककरदरी व श्रावस्ती रेंज में गोष्ठियों का आयोजन किया गया। गांधी पौधशाला में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देवीपाटन मंडल के वन संरक्षक ने कहा कि दैवी आपदाओं का एकमात्र निदान पौधरोपण ही है।
वायु प्रदूषण को दूर करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी तथा वायु की गुणवत्ता में सुधार के लिए गोष्ठी का आयोजन हुआ। इस दौरान भिनगा, ककरदरी, हरदत्तनगर व श्रावस्ती वन क्षेत्र की पौधशालाओं को आदर्श पर्यावरण स्थल नामित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस दौरान गांधी पौधशाला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वन संरक्षक देवीपाटन मंडल अशोक कुमार शुक्ल मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनसंख्या के अनुरूप 22 करोड़ पौधरोपण का कार्यक्रम प्रस्तावित है। यह पौधरोपण वन विभाग, सामुदायिक भूमि, लघु एवं सीमांत किसानों की निजी भूमि, परती भूमि व मार्गों के किनारे किया जाएगा। लोग अधिकाधिक संख्या में पौधरोपण कर पर्यावरण को सुरक्षित करें।
पेड़ों की कमी से ग्लोबल वार्मिंग, बाढ़ व सूखा सहित अन्य दैवी आपदा आती हैं जिसका सबसे ज्यादा दुष्परिणाम मानव समाज पर पड़ता है। इसका एकमात्र निदान पौधरोपण है। प्रभागीय वनाधिकारी एपी यादव ने कहा कि धरा पर स्थित पेड़-पौधे देवतुल्य हैं। इनकी रक्षा हम सबका पुनीत कर्तव्य है। राजकुमार श्रीवास्तव ने प्रति व्यक्ति एक पौधा व सीमांत कृषकों से दस पौधे लगाने की अपील की।
इस मौके पर क्षेत्रीय वनाधिकारी भिनगा अशोक कुमार कश्यप, ककरदरी राकेश तिवारी, वन दरोगा बलराम कुमार गौंड, अमित वर्मा, योगेंद्र प्रताप यादव, राम मनोहर सरोज, प्रमोद कुमार पाल व अखिलेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
पेड़-पौधों पर ही निर्भर है जीवन
इकौना। विश्व पर्यावरण दिवस पर महामाया राजकीय डिग्री कॉलेज में ग्रामीणों को फलदार पौधे बांटकर विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस दौरान विद्यालय के प्रवक्ता डॉ. एसएन वर्मा ने मौजूद ग्रामीणों से प्रति वर्ष कम से कम पांच पौधे लगाने की अपील की। कहा कि मनुष्य सहित जीव-जंतुओं का जीवन पेड़-पौधों पर ही निर्भर है। पेड़-पौधे ही हमारे श्वसन के लिए आवश्यक आक्सीजन देते हैं। इसलिए पेड़-पौधों व वनों को देश का हरा सोना कहा जाता है। उन्होंने मौजूद लोगों से आह्वान किया कि वे अपने घरों के पास खाली पड़ी भूमि पर कम से कम पांच पौधे अवश्य लगाएं। इस मौके पर कई अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।