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वीवी पैट में पड़े पर्चियों की ईवीएम के वोट से होगा मिलान

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श्रावस्ती। मतगणना की पारदर्शिता के लिए इस बार प्रत्येक विधानसभा के पांच-पांच बूथों की वीवीपैट पर्ची का मिलान ईवीएम के वोटों से होगा। इसके साथ ही राउंडवार रुझान की घोषणा बाद में होगी। इसके पहले उसे पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। पोर्टल पर अपलोड राउंडवार रिजल्ट को कोई भी मतदाता घर बैठे अपने मोबाइल एप्स पर देख सकेगा। इस बार वीवीपैट में पड़े मतों को गिनने के लिए भी एक-एक मतगणना पार्टी विधानसभा क्षेत्रवार लगाई गई है। यह पार्टी मतगणना के बाद अपना काम करेगी।
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इस बार मतगणना ज्यादा पारदर्शी तरीके से होगी। इसके लिए विधानसभा क्षेत्रवार मतगणना हो जाने के बाद किन्हीं पांच बूथों जिसका चयन लाटरी सिस्टम से होगा, उसमें रखी वीवीपैट की पर्चियों का मिलान ईवीएम के वोटों से किया जाएगा। इससे यह स्पष्ट होगा कि वीवीपैट की पर्ची व ईवीएम के मतों में कोई अंतर नहीं है।

इसके लिए एक मतगणना पार्टी अलग से विधानसभा क्षेत्रवार तैनात की जाएगी। इसके साथ ही मतगणना का राउंडवार रिजल्ट पहले निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपलोड होगा। इसके बाद इसकी घोषणा की जाएगी। इसलिए मतदाता अपने घर बैठे ही राउंडवार मतों का रुझान अपने मोबाइल एप पर देख सकते हैं। वहीं मतगणना के लिए चल रही तैयारियों का एएसपी ने कलेक्ट्रेट में निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।
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इस एप पर मिलेगा रिजल्ट
मोबाइल एप वोटर हेल्प लाइन के साथ ईसीआई रिजल्ट पर 23 मई को राउंडवार रुझान मिलते रहेंगे। इस मोबाइल एप को कोई भी व्यक्ति अपने एंड्राइड मोबाइल पर लोड कर सकता है।

14-14 टेबलों पर होगी मतगणना
प्रत्येक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में 14 मतगणना टेबल होगी। प्रत्याशी सभी टेबल पर अपना एक-एक एजेंट नियुक्त कर सकेंगे। किसी भी गणना एजेंट को आवंटित टेबल के अलावा दूसरी टेबल में जाने की इजाजत नहीं होगी। उल्लंघन करने पर एजेंट को मतगणना कक्ष से बाहर कर दिया जाएगा। वहीं लोकसभा क्षेत्र श्रावस्ती में इस बार 293 सर्विस वोट पड़े हैं। इसकी गणना बलरामपुर में होगी।

इन वस्तुओं पर रहेगा प्रतिबंध
प्रत्याशी, चुनाव एजेंट और गणना एजेंट मोबाइल, लैपटॉप के साथ अन्य कोई इलेक्ट्रानिक उपकरण मतगणना केंद्र पर नहीं ले जा सकेंगे। इसके साथ ही मतगणना केंद्र पर सिगरेट, बीड़ी, माचिस, लाइटर भी ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही मतगणना सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराई जाएगी।

यह लोग बन सकेंगे मतगणना एजेंट
उप जिला निर्वाचन अधिकारी योगानंद पांडेय ने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार से सुरक्षा प्राप्त कोई भी व्यक्ति मतगणना एजेंट नियुक्त नहीं हो सकेगा। इसमें केंद्र और राज्य सरकार का कोई मंत्री, संसद सदस्य, विधानसभा, विधान परिषद के सदस्य, शहरी स्थानीय निकायों के प्रमुख, अध्यक्ष, निगम के महापौर, नगर पालिका, नगर पंचायत के अध्यक्ष शामिल हैं। साथ ही जिला स्तरीय जिला परिषद, ब्लॉक स्तर पंचायत समिति के अध्यक्ष, राष्ट्रीय, राज्य, जिला सहकारी संस्थाओं के निर्वाचित अध्यक्ष, राजनीतिक पदाधिकारी, केंद्रीय व राज्य सार्वजनिक उपक्रमों के अध्यक्षों, सरकारी निकायों के अध्यक्ष, सरकारी अधिकारी, सरकारी कर्मचारी भी एजेंट नहीं बनेंगे।
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