श्रावस्ती। मदरहवा गांव में जहरीला साग खाने से गुरुवार रात दो सगे भाइयों की मौत हो गई। वहीं शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान एक अन्य भाई की भी मौत हो गई। सरसों का साग बच्चों की चाची खेतों से लेकर आई थी। इसे सभी परिवारीजनों ने रात में खाया। साग खाते ही तीनों बच्चे उल्टी करने लगे। जिन्हें इलाज के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा लाया गया।
जहां दो को मृत घोषित किया गया, जबकि एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना की जानकारी पर शुक्रवार को डीएम व एसपी ने गांव पहुंच कर मामले का जायजा लिया। वहीं परिवारीजनों ने बच्चों का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। इसके चलते पंचनामा भराकर उनका अंतिम संस्कार करा दिया गया।
भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मदरहवा में गुरुवार को भिखारी की पत्नी कई खेतों से सरसों का साग तोड़कर लाई थी। रात के खाने में उसने उसी सरसों का साग बनाया। साग को भिखारी के परिवार के साथ ही उसके सगे भाई रामगोपाल की पत्नी व तीन बच्चों ने खाया। साग खाने के कुछ देर बाद रामगोपाल के पुत्र चाबू (03), मोटू उर्फ कौशल (05) व लवकुश (08) को उल्टी होने लगी।
देखते देखते तीनों बच्चों की हालत बिगड़ने लगी। देर रात रामगोपाल तीनों बच्चों को संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा लेकर आया। जहां चिकित्सकों ने चाबू व मोटू को मृत घोषित कर दिया। वहीं लवकुश की हालत गंभीर होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया। शुक्रवार की सुबह तक हालत में सुधार न होने के कारण उसे जिला अस्पताल बहराइच रेफर किया गया। जहां इलाज के दौरान लवकुश की मौत हो गई।
घटना की जानकारी के बाद डीएम दीपक मीणा, एसपी आशीष श्रीवास्तव, एडीएम योगानंद पांडेय व सीओ भिनगा डॉ. जंग बहादुर यादव शुक्रवार की सुबह कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। जहां ग्रामीणों ने बताया कि रामगोपाल के भाई भिखारी की पत्नी कई खेतों से सरसों का साग काट कर लाई थी। संभवता किसी खेत में कीटनाशक दवा का छिड़काव हुआ हो। इसीलिए जहरीला साग खाने से बच्चों की मौत हो गई।
मृतक बच्चों के परिवारीजनों ने प्रशासन से पोस्टमार्टम न कराने की अपील करते हुए पंचनामा भराकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया। इस घटना के संबंध में सीएमओ डॉ. वीके सिंह का कहना है कि यह संभव है कि जिस खेत से साग लाया गया वहा पर उसी दिन कीटनाशक डाला गया हो। कीटनाशक के प्रभाव से घर में बना साग भी विषाक्त हो गया। इससे बच्चों की मृत्यु हो गई। फिलहाल फिर घर में बने साग की जांच के बाद ही कुछ स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।