श्रावस्ती। भिनगा क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी का छह वर्ष पूर्व अपहरण करके दुष्कर्म किया गया। एडीजे व विशेष जज पॉक्सो ने दोषी को 10 वर्ष सश्रम कारावास व 80,000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
भिनगा क्षेत्र निवासी मजदूर 30 मार्च 2019 को परदेस में था। घर पर पत्नी व बच्चे ही थे। रात में उसकी पत्नी बच्चों के साथ सो रही थी। सुबह जागने पर देखा तो उसकी 14 वर्षीय बेटी घर पर नहीं मिली। तलाश करने पर पता चला कि रेहली बिशनपुर निवासी बालकराम ने उसकी बेटी को बहलाफुसला कर अपने पुत्र मनोज के साथ भेजा है। पूछने पर मनोज की मां सीता ने दोनों कहां गए हैं बताने से इनकार कर दिया। इस दौरान सीता ने किशोरी की मां को बेटे से उसकी पुत्री का शादी कराने का झांसा भी दिया। किशोरी की मां की तहरीर पर भिनगा पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया और किशोरी को खोज निकाला। किशोरी ने पुलिस को बताया कि मनोज ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। मनोज बाद में जमानत पर बाहर आया था। मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अनन्य रूप से पॉक्सो निर्दोष कुमार ने दोषी मनोज को 10 वर्ष सश्रम कारावास व 80,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न अदा करने पर दोषी को छह माह का कारावास भुगतना होगा। वहीं न्यायालय ने जुर्माने की पूरी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।