शामली। जिला पंचायत शामली में विकास कार्य ठप पड़े हैं। वजह है कि पिछले चार महीने से बोर्ड की कोई बैठक नहीं हो सकी है। इसके चलते करोड़ों रुपये का बजट पंचायत के खाते में पड़ा-पड़ा धूल फांक रहा है। इससे जनप्रतिनिधि भी असहज हैं और जनता परेशान है।
मार्च माह में एक तारीख को जिला पंचायत बोर्ड की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें 23 करोड़ 16 लाख रुपये के बजट को मंजूरी दी गई थी, लेकिन इसके बाद चार महीने बीत चुके हैं और एक भी बैठक नहीं बुलाई गई। ई-स्वराज पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, पंचायत के पास 17.17 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध थी, जिसमें से अब तक मात्र 9.11 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए हैं। 8.6 करोड़ रुपये अब भी पंचायत के खाते में पड़े हैं, लेकिन बैठक न होने के चलते इनका उपयोग नहीं हो पा रहा।
n बजट है, लेकिन योजना नहीं : वर्तमान में पंचायत के पास करोड़ों रुपये का बजट उपलब्ध है, लेकिन कोई योजना या निर्णय न होने के कारण यह धनराशि ठहर गई है। इससे सड़कों, नालों, सार्वजनिक स्थलों के निर्माण जैसे जरूरी काम अधर में लटके हैं।