बिजनौर। पारंपरिक खेती पद्धति को छोड़कर तकनीकी व नवाचार का प्रयोग किया, तो खेती फायदे का सौदा बनने लगी। युवा निजी क्षेत्र की नौकरी की जगह खेती में नई राह तलाश रहे हैं। युवा जैविक खेती को अपनाकर न केवल मिट्टी को बचाने का कार्य कर रहे हैं, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से अपने उत्पादों को बेचकर आय भी अर्जित कर रहे हैं।
- ऑनलाइन बेच रहे पदार्थ : लक्ष्य त्यागी
धामपुर क्षेत्र के गांव सीकरी निवासी युवा किसान लक्ष्य त्यागी पुत्र सुधीर त्यागी ने प्राइवेट नौकरी की जगह पिता के साथ जैविक खेती कर रहे हैं। लक्ष्य त्यागी ने बताया कि अपने उत्पादन बाजार में भेजने के लिए श्री सत्यओम कंपनी बनाई है। उसके माध्यम से जैविक उत्पादित पदार्थों के करीब 32 प्रोडक्ट बाजार में उतार रखे हैं। इसमें काला गेहूं, गन्ना, धान, सरसों, मूंग दाल आदि है। वह अपने प्रोडक्ट को बाजार के साथ ऑनलाइन सेल करते हैं।
- मिट्टी स्वास्थ्य सुधार में जुटे युवा अक्षत देवरा
स्योहारा के आर्यनगर निवासी युवा किसान अक्षत देवरा पुत्र डॉ. विनीत देवरा ने वनस्पति विज्ञान से स्नातक और वनस्पति जैव तकनीकी विज्ञान से स्नाकोत्तर की पढ़ाई की। अक्षत ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई व नौकरी के दौरान मिट्टी के हालात को जाना। उन्हें लगा कि मिट्टी बचाने के लिए कुछ कार्य किया जाए। जून 2022 से उन्होंने मिट्टी बचाओ अभियान शुरू किया। साथ ही जैविक, औद्यानिक खेती कर रहे हैं।
- जैविक खेती व ऑनलाइन के लाभ
- जैविक खेती से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और उसकी गुणवत्ता में सुधार होता है।
- जैविक उत्पाद स्वास्थ्यवर्धक होते हैं और इनमें रासायनिक अवशेष नहीं होते हैं।
- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पादों को व्यापक स्तर पर बेचा जा सकता है।
- ऑनलाइन बिक्री से युवाओं को आय का एक नया स्रोत मिलता है।
युवाओं की भूमिका
- युवा जैविक खेती को अपनाकर और ऑनलाइन बेचकर इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
- इससे स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिलता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।