शामली। योग को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शामली पहचान बना रहा है। योग को लेकर देश में जुनून है, तो यहां के योग शिक्षक सुदूर देशों में योग की अलख जगा रहे हैं। जिले के गांव कुड़ाना के एक दर्जन से ज्यादा युवक इन दिनों चीन के विभिन्न शहरों में संचालित इंस्टीट्यूट में बतौर योग शिक्षक कार्य कर रहे हैं और योग के माध्यम से भारतीय संस्कृति को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर देशभर में तैयारियां चल रही हैं। शामली से छह किमी दूर स्थित गांव कुड़ाना के युवाओं के योग गुरु बनने से इस गांव की अलग ही पहचान है। गांव के जगवीर सिंह के पुत्र धर्मेंद्र सिंह ने करीब 17 वर्ष पूर्व दिल्ली के मोरारजी देसाई इंस्टीट्यूट से योग की पढ़ाई की थी।
पढ़ाई पूरी होने पर धर्मेंद्र को चीन के शंघाई शहर स्थित इंस्टीट्यूट में बतौर योग शिक्षक ऑफर मिला, जिसके बाद धर्मेंद्र चीन चला गया। चीन में धर्मेंद्र ने खूब लोकप्रियता हासिल की और अपने शिष्य तैयार किए। अब वह चीन के शंघाई शहर में अपने दो योग प्रशिक्षण सेंटर चला रहे हैं।
इसके बाद धर्मेंद्र ने गांव के युवाओं को योग के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। जिसके बाद गांव के अन्य युवा भी हरिद्वार और दिल्ली से योग की पढ़ाई पूरी कर चीन चले गए।
गांव के ही पंकज मलिक पिछले 10 वर्ष से चीन के नानथॉंग और विकास मलिक शंघाई में योग शिक्षा दे रहे हैं। आज कुड़ाना गांव के 15 युवा चीन के अलग-अलग शहरों में योग शिक्षक के रूप में कार्य कर रहे हैं।
गांव का नाम करना था रोशन : धर्मेंद्र
शामली। चीन के शंघाई में योग शिक्षक धर्मेंद्र मलिक ने व्हाटसएप वीडियो कॉलिंग में बताया कि वह शुरू से ही अपने परिवार और गांव का नाम रोशन करना चाहता था। स्वास्थ्य के प्रति सजग था, इसलिए योग शिक्षा गृहण की। शिक्षा पूरी होने के बाद ही चीन में योग शिक्षक बनने का मौका मिल गया। इसके बाद परिवार ने गांव के अन्य युवाओं को भी योग के क्षेत्र में बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कौन किस शहर में दे रहा है योग शिक्षा
1. विकास मलिक डालियन
2. नीरज मलिक बीजिंग
3. रोहित कुमार सूजो
4. विकास मलिक शंघाई
5. राहुल मलिक सूजो
6. मोहित कश्यप शंघाई
7. सुभाष मलिक शंघाई
8. मोनू राठी सूजो
9. रमन मलिक हांककांग
10. रोहित मलिक शंघाई
11. पंकज मलिक नानथोंग
12. अनिवेश राठी नानथोंग
13. विपुल मलिक सूजो
14. रवींद्र मलिक सूजो
15. विवेक मलिक डालियन