शामली। योग को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शामली जनपद के युवाओं का डंका बज रहा है। यहां के योग शिक्षक देश-विदेश तक योग की अलख जगाते हुए लोगों को स्वस्थ बना रहे है। जनपद के गांव कुड़ाना के सैंकड़ों युवा इन दिनों वियतनाम, चीन, फिलीपींस के विभिन्न शहरों में संचालित योग संस्थानों में योग गुरु के रूप में योग की शिक्षा देते हुए लोगों को स्वस्थ बना रहे है।
शनिवार 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर देश के साथ ही विदेशों में तैयारियां चल रही है। शामली से छह किलोमीटर दूरी पर स्थित गांव कुड़ाना के युवाओं को योग गुरु बनने से क्षेत्र में अलग ही पहचान बन गई है। योग की शुरुआत गांव कुड़ाना के धमेंद्र मलिक पुत्र जगबीर सिंह ने दिल्ली के मोरारजी देसाई योग संस्थान से योग की पढ़ाई कर की थी।
वर्ष 2000 में धमेंद्र मलिक को चीन के शंघाई शहर स्थित योग संस्थान में बतौर योग शिक्षक का ऑफर मिला। इसके बाद धमेंद्र मलिक ने खूब लोकप्रियता हासिल की और अपने शिष्य तैयार किए। अब वह शंघाई शहर में अपने प्रशिक्षण सेंटर चला रहे है।
n धर्मेंद्र ने गांव के अन्य युवाओं को भी किया जागरूक : धर्मेंद्र मलिक ने गांव के अन्य युवाओं को योग के क्षेत्र में कॅरिअर बनाने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद गांव के अन्य युवा भी हरिद्वार स्थित गुरुकुल कांगड़ी और दिल्ली से योग की पढ़ाई पूरी कर चीन व वियतनाम, फिलीपींस, दिल्ली व मुंबई में पहुंचकर योग का प्रशिक्षण देते हुए देश-विदेश के लोगों को स्वस्थ बना रहे हैं। गांव के राहुल मलिक शंघाई में पिछले 16 वर्ष से योग की शिक्षा दे रहे हैं। सुभाष मलिक व विकास मलिक दोनों सगे भाई भी चीन के लीजो शहर में आठ वर्ष से योग सिखा रहे हैं। विकास मलिक डालियन, रोहित मलिक, कयूम, फुरकान, मोहित, अक्षय मलिक ग्वांगझोउ के साथ ही अन्य शहरों के योग संस्थानों में योग को पहचान दिला रहे हैं। अमन वियतनाम के शहर ची मिन्ह में पिछले तीन साल और हर्ष फिलीपींस में योग शिक्षक के रूप में कार्य कर रहे हैं।
n दिल्ली और मुंबई में भी दे रहे योग प्रशिक्षण : गांव के अमित मलिक, उपेंद्र मलिक, विकास मुंबई में ंकज मलिक, मनोज, भगत सिंह, विरेंद्र, नीटू दिल्ली शहर में योग की िशक्षा दे रहे हैं।