श्रमिकों से नहीं हो रहा संपर्क, कैसे मिले रोजगार
रोहित अग्रवाल
शामली। दूसरे राज्यों से लौटे प्रवासी श्रमिकों को औद्योगिक इकाइयों में रोजगार मिलना है, लेकिन जिला उद्योग केंद्र ने जो सूची उद्यमियों को सौंपी है, वह अपडेट नहीं है। अधिकांश श्रमिकों के नाम के साथ ग्राम प्रधान का नंबर लिख दिया गया है तो, कुछ ऐसे भी नंबर हैं जिन पर कॉल रिसीव नहीं हो रही है। ग्राम प्रधान भी श्रमिकों से संपर्क कराने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। अब उद्यमियों के सामने समस्या है कि संपर्क हुए बगैर प्रवासियों को रोजगार कैसे दें।
प्रदेश सरकार ने प्रवासी श्रमिकों को उनकी दक्षता के अनुसार औद्योगिक इकाइयों में रोजगार दिलाने को कहा है। जिला उद्योग केंद्र ने शामली जिले में लौटे 752 प्रवासी श्रमिकों की सूची इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन को सौंपी है। रोजगार दिलाने की व्यवस्था के लिए एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक मित्तल को नोडल बनाया गया है। बकौल अशोक मित्तल प्रवासी श्रमिकों की सूची में ऐसे श्रमिक शामिल हैं जो बाहरी राज्यों में काम करते थे और लॉकडाउन के दौरान अपने जिले में लौट आए। श्रमिकों को औद्योगिक इकाइयों में उनकी दक्षता के हिसाब से रोजगार देना है। सूची उद्यमियों को देकर प्रवासी श्रमिकों से संपर्क साधने की कोशिश की गई लेकिन सूची में दर्ज अधिकांश मोबाइल नंबर ग्राम प्रधानों के निकले, कुछ नंबरों पर कॉल कनेक्ट ही नहीं हो रही। कई श्रमिकों के सामने एक ही नंबर लिखा है। इस संबंध में इंडियन इंड्रस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी अवगत करा दिया है। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों को भी बताया है। उन्होंने रोजगार कार्यालय और श्रम विभाग कार्यालय से दूसरी सूची तैयार कराकर दिलाने की बात कही है।
- सूची में वेल्डर, फिटर, होटल के शैफ भी शामिल
प्रवासी श्रमिकों की सूची में कुशल, अर्धकुशल और अकुशल तीनों वर्गों के श्रमिक बताए जा रहे हैं। इनमें वेल्डर, फिटर, मशीनमेन, प्रेस कारीगर, मार्केटिंग कर्मचारी, ड्राइवर, होटल के शैफ, जेसीबी ड्राइवर, सुपरवाइजर के अलावा हेल्पर, खेत मजदूरी करने वाले भी हैं।
- साइमा ने बैठक कर विचार-विमर्श किया
शामली। रविवार को शामली इंडस्ट्रीज मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन की इंडस्ट्रियल एरिया में हुई बैठक में प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिलाने के संबंध में विचार विमर्श हुआ। अध्यक्ष अंकित गोयल ने कहा कि श्रमिकों को रोजगार दिया जाएगा, लेकिन पहले जिला उद्योग केंद्र द्वारा कार्यकुशलता के आधार पर प्रवासी श्रमिकों की सही सूची उपलब्ध कराई जाए। ताकि संपर्क कर रोजगार देने की कार्रवाई शुरू हो सके। बैठक में एसोसिएशन के महासचिव अमित जैन, निखिल एरन, अनुज गर्ग, सचिन गर्ग, रोहित गर्ग, सुधाकर धीमान आदि मौजूद रहे।
कोट -
सूची प्रवासी श्रमिकों के जिलों में लौटने के बाद श्रमिकों द्वारा दिए नंबरों के आधार पर सूची तैयार की गई। इनमें कुछ ग्राम प्रधानों के नंबर हैं। सूची को रोजगार कार्यालय और श्रम विभाग के माध्यम से सही कराया जा रहा है। आईटीआई अधिकारियों के माध्यम से श्रमिकों की कार्यकुशलता के आधार पर कैटेगरी बनाई जा रही है। एक दो दिन में सही सूची उद्यमियों को दी जाएगी।- बनवारी लाल, असिस्टेंट कमिश्नर, जिला उद्योग केंद्र