- बारिश होते ही गुल हो जाती है सप्लाई, लो वोल्टेज से उपभोक्ता बेहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में बिजली कटौती से निजात दिलाने के लिए ऊर्जा निगम ने वर्ष 2025 में बिजनेस प्लान और आरडीएसएस योजना के तहत 25 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। 60 बिजली ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि और 10 उपकेंद्रों को अपग्रेड करने के बावजूद उपभोक्ताओं की समस्या जस की तस बनी हुई है। अब शासन ने मरम्मत और क्षमता वृद्धि कार्यों के लिए फिर से 20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
ऊर्जा निगम ने दावा किया था कि गर्मियों में ओवरलोडिंग से राहत दिलाने के लिए व्यापक कार्य किए गए। बावजूद इसके शामली, कैराना, जलालाबाद, थानाभवन, ऊन और झिंझाना क्षेत्रों के उपभोक्ता आज भी बिजली ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। जरा सी बारिश या फाल्ट आने पर घंटों बिजली गुल रहती है।
- स्वीकृत राशि से होंगे ये कार्य
निगम ने जो 20 करोड़ रुपये की नई राशि स्वीकृत की है, उससे निम्न कार्य कराए जाएंगे -
दुल्लाखेड़ी, नोजल और झिंझाना रोड शामली टाउन बिजली उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि।
113 बिजलीघरों की क्षमता वृद्धि।
जर्जर तारों को बदलने और मरम्मत का कार्य।
अधूरे कार्यों को पूरा कराना।
- उपभोक्ताओं का दर्द
रेलपार कॉलोनी निवासी संजय गोयल ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बिजली कटौती से राहत नहीं मिल पा रही है। लो वोल्टेज की वजह से कई बार पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ती है।
दयानंद नगर निवासी बाबूराम पंवार और कबाड़ी बाजार निवासी विनय मित्तल ने कहा कि जरा सी बारिश होते ही जिले की बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। विभाग को समस्या समाधान पर गंभीर होना चाहिए।
विभाग का दावा
वीरेंद्र कुमार, अधीक्षण अभियंता, ऊर्जा निगम शामली ने बताया कि उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि और जर्जर तारों की मरम्मत समेत विभिन्न कार्यों के लिए 20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जल्द ही अधूरे कार्य पूरे कराकर उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति दी जाएगी।