जलालाबाद के पंजाब नेशनल बैंक शाखा के बाहर सपा नेता का घेराव कर हंगामा करती महिलाएं। ग्रामीण
जलालाबाद। कस्बे की पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में खाताधारकों की फंसी रकम वापस दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को लोगों ने सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव के नेतृत्व में धरना दिया। धरने में उस समय हंगामा हो गया, जब गांव हरड़ फतेहपुर की कई मजदूर महिलाएं पहुंचीं और सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव तासीन मंसूरी का घेराव करते हुए उन पर एक साल की मजदूरी का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया। महिलाओं के विरोध के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया।
सोमवार को सपा नेता शेर सिंह राणा और तासीन मंसूरी के नेतृत्व में पीड़ित खाताधारक बैंक पहुंचे थे। प्रदर्शनकारी बैंक मित्र के खातों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने और खाताधारकों की फंसी रकम वापस कराने की मांग कर रहे थे। इसी दौरान तासीन मंसूरी के संबोधन के बीच हरड़ फतेहपुर की मजदूर महिलाएं पहुंचीं और अपनी मजदूरी का बकाया भुगतान मांगा। इस पर हंगामा खड़ा हो गया।
हंगामे के बाद महिलाएं और तासीन मंसूरी पुलिस चौकी पहुंचे। चौकी प्रभारी अरविंद कुमार ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया। उन्होंने बताया कि महिलाओं के प्रार्थना पत्र की जांच सीओ थानाभवन कर रहे हैं। तासीन मंसूरी ने आरोपों को विरोधियों की साजिश बताते हुए कहा कि अधिकांश बकाया रकम महिलाओं को दी जा चुकी है और शेष रकम का भुगतान अगले माह करने पर सहमति पहले से ही बनी हुई है।
10 अक्तूबर तक समाधान नहीं तो तालाबंदी
देर शाम एलडीएम अनिल कुमार और सिक्योरिटी ऑफिसर अंकुर तोमर पीएनबी शाखा पहुंचे। सपा नेता शेर सिंह राणा और तासीन मंसूरी ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर जांच से छूटे खाताधारकों को एक और अवसर देने तथा 141 खाताधारकों के खातों में भेजी जा रही धनराशि का पूरा विवरण जारी करने की मांग की। उन्होंने 10 अक्तूबर तक समस्या का समाधान नहीं होने पर बैंक शाखा में तालाबंदी की चेतावनी दी। एलडीएम ने नियमानुसार जांच में पात्र पाए जाने वाले खाताधारकों के खातों में धनराशि जमा कराने का आश्वासन दिया।
यह है मामला
जलालाबाद पीएनबी में करीब दो करोड़ रुपये के कथित गबन का आरोप है। बैंक मित्र अंकुर सैनी पर खाताधारकों की रकम में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। इस मामले में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई और उसने अदालत में सरेंडर किया था। इसके बाद 300 से अधिक खाताधारकों ने शिकायतें दीं। जांच के कारण कुछ संदिग्ध खाते फ्रीज किए गए और पीड़ित खाताधारक अपनी रकम वापस मिलने तथा आरोपी के खाते का पूरा लेनदेन विवरण सार्वजनिक करने, रुपये दिलाने की मांग को लेकर लोग समय-समय पर धरना दे रहे हैं।