शामली। खालसा लिबरेशन फ्रंट के चीफ और ड्रग्स माफिया को जेल ब्रेक करके फरार कराने के मामले में आईएसआई का सहयोग में चलने की आशंका भी जताई जा रही थी। इसी के चलते कैराना में गिरफ्तार हुए पलविंदर उर्फ पिंदा से आईबी, एटीएस, एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और स्थानीय अभिसूचना इकाई के
अधिकारियों ने भी पूछताछ की। फिलहाल आईएसआई से पलविंदर के संबंधों की पुष्टि तो नहीं है, मगर छानबीन की जा रही है।
रविवार शाम जब कैराना में पलविंदर को गिरफ्तार किया गया, तो पुलिस के साथ ही खुफिया एजेंसियां भी हरकत में आ गई थीं। देर रात आईबी, एटीएस और एसटीएफ की टीमें शामली पहुंच गई थीं। एटीएस (एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड) के एएसपी ब्रजेश श्रीवास्तव सहित सहारनपुर और मेरठ से एसटीएफ और दिल्ली से आईबी की टीम भी कैराना पहुंच गई। इसके बाद पलविंदर से करीब चार घंटे तक पूछताछ चली।
उसमें पता लगा कि नाभा जेल ब्रेक कराने के लिए पहले से रुपयों और हथियारों का इंतजाम कर लिया गया था। खुफिया टीमों ने खूब प्रयास किया कि वह पैसा और हथियार कहां से आए, तो पलविंदर ने लूट की कहानी सुना दी। कह दिया कि दो महीने पूर्व लुधियाना के मॉडल टाउन इलाके से दो किलो सोना और 10 लाख रुपये नकदी के अलावा फार्च्यूनर लूटी गई थी। उसी रकम से हथियारों का इंतजाम किया गया था। वहीं, मालूम चला कि पलविंदर ने नाभा जेल से फरार हुए छह आतंकियों को 20-20 हजार रुपये (एक लाख 20 हजार रुपये) दिए थे और कहा था कि यह तुम्हारे काम आएंगे।
अब सवाल यह उठता है कि हथियारों की खेप कहां से आई, जो नाभा जेल ब्रेक कराने के दौरान इस्तेमाल किए गए। इसको लेकर भी आईएसआई की गहरी जड़ों की तरफ संकेत मिल रहे हैं। हालांकि सोमवार को प्रेसवार्ता के दौरान आईजी मेरठ जोन अजय आनंद, डीआईजी रेंज सहारनपुर जेके शाही तथा पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजय पाल ने पलविंदर के आईएसआई से संबंधों के बारे में जानकारी होने से इंकार कर दिया।
कई देशों में आता जाता रहा है पलविंदर
पलविंदर के आईएसआई से संपर्कों की पुष्टि बेशक नहीं हुई, लेकिन नाभा जेल से फरार होने वाले खालसा लिबरेशन फ्रंट के चीफ हरमिंदर उर्फ मिन्टू तथा ड्रग्स माफिया प्रेमा के संबंधों की जड़ें बहुत गहरी बताई जा रही हैं। मालूम चला है कि पलविंदर का पाकिस्तान सहित कई देशों में आना जाना रहा है। इससे आशंका प्रबल है कि हरमिंदर के संपर्क आईएसआई से जुड़ते हैं, तो पलविंदर भी तो उसी नेटवर्क में शामिल है।
कड़ी सुरक्षा में जेल भेजा
कैराना। पलविंदर सिंह उर्फ पिंदा को कड़ी सुरक्षा के बीच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैराना में मेडिकल परीक्षण कराने के बाद न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने दस दिन का कस्टडी (पीसीआर) मांगा, लेकिन न्यायालय ने फिलहाल कस्टडी रिमांड मंजूर नहीं किया।
सोमवार दोपहर पलविंदर को कैराना कोतवाली पुलिस चेहरे पर तोलिया डालकर सरकारी अस्पताल लेकर गई। वहां जाने के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस जवानों से भरी दूसरी गाड़ी भी साथ चल रही थी। अस्पताल में जितने समय तक मेडिकल परीक्षण हुआ, तब तक अन्य किसी भी मरीज को डॉक्टर के रूम में नहीं जाने दिया।
अस्पताल से पलविंदर को सीधे एसीजेएम कोर्ट ले जाया गया। उसको एसीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में मुजफ्फरनगर जेल भेज दिया गया।