शामली। सर्दी से बचाव की गोशालाओं में उचित व्यवस्था नहीं है। गोवंश बीमार हो रहे हैं लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। खुले में गोवंश ठिठुर रहे हैं। डॉक्टर भी समय से बीमार गोवंशों का इलाज करने नहीं पहुंच रहे हैं। जनपद की गोशालाओं की शनिवार को पड़ताल की तो स्थिति काफी हद तक खराब मिली।
गांव झाल रोड स्थित गोशाला
मेरठ रोड स्थित गांव झाल के रास्ते पर बनी गोशाला में कई पशु बीमारी की हालत में मिले। साफ सफाई नहीं होने से चारों और गंदगी का आलम था। यहां मिले कर्मचारी ने बताया कि डॉक्टर को कई बार फोन किया जा चुका, अभी तक कोई नहीं आया। वहीं कुड़ाना रोड स्थित जिला पंचायत की गोशाला में बाहर गेट का ताला लगा मिला।
शामली मंडी गोशाला
शामली के मंडी स्थित गोशाला में टीनशेड टूटा पड़ा था, एक पशु बाहर बीमार मिला। वहीं नंगली जमालपुर स्थित गोशाला में ठंड के चलते पांच पशु बीमार मिले, जिसमें दो गोवंश मरने की स्थिति में है। बाकी पशु भी बाहर खुले में थे।
बिड़ौली गोशाला
मेरठ-करनाल रोड गांव बीबीपुर की गोशाला में कोई पशु नहीं मिला, गोशाला में केवल एक टीनशेड पड़ा हुआ था। खंड विकास अधिकारी उमाकांत ने बताया कि 30 से अधिक पशु होने पर गोशाला संचालित की जाती है, अभी इतने पशु नहीं है। जबकि खुले में खूब गोवंश भटक रहे हैं।
कांधला गोशाला
कांधला के गांव नाला में पशु बाहर खड़े ठंड से ठिठुर रहे थे। टीनशेड के बराबर से सर्दी रोकने के लिए कोई तिरपाल नहीं लगाई गई है। पशुओं का बुरा हाल मिला। ग्राम सचिव बबलू ने बताया कि 75 गोवंश है।
कैराना स्थित गोशाला
कैराना स्थित गोशाला में गोवंशों को सर्दी से बचाव के लिए कोई इंतजाम नही थे
गोशालाओं संचालकों को ठंड के चलते बचाव के उचित निर्देश दिए गए है, अगर गोशालाओं में पशु बीमार पड़े है तो जल्द ही निरीक्षण करते हुए कार्रवाई की जाएगी। - विनय कुमार तिवारी, सीडीओ
- गोशालाओं में जूट के काऊ कोट पहनाने के निर्देश दिए है, बीमार पशुओं की अच्छे से देखभाल व समय पर डॉक्टरों को बुलवाकर उपचार कराने के भी निर्देश दिए गए है, अगर ऐसा है तो निरीक्षण कर व्यवस्था परखी जाएगी, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - चंद्रभानू कश्यप, सीवीओ