शामली। जिले के कक्षा पांच से आठ तक के स्कूलों में बीते दिनों कराई गई मेधावी परीक्षा में कई स्कूलों के बच्चों की परफॉर्मेंस बेहद खराब रही। इससे खफा बीएसए ने सख्त फैसला लिया है। उनका कहना है कि जिन बच्चों के अंक 60 प्रतिशत से कम हैं, उनके शिक्षकों का वेतन तब तक रोका जाएगा, जब तक कि अगली परीक्षा में बच्चा 60 प्रतिशत अंक नहीं लेकर आता है।
जनपद में 529 प्राथमिक और 224 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। जिनमें पठन-पाठन का माहौल सुधारने और स्कूल का वातावरण सुंदर रखने के लिए लॉन और फुलवारियों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन स्कूलों में न हो पढ़ाई का स्तर ही सुधारा और न ही माहौल। ऐसे भी कई स्कूल में जहां शिक्षक पूरे दिन आराम से बैठकर धूप सेंकते हैं और बच्चे मैदान में घूमते रहते है। बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि बीते दिनों स्कूलों में कक्षा 5 से 8 तक की मेधावी प्रतियोगिता कराई गई थी, जिन स्कूलों के बच्चों के 60 प्रतिशत से कम अंक हैं उनके अध्यापकों और प्रधानाध्यापकों का वेतन परीक्षा मेें सुधार होने तक रोका जाएगा।
सभी स्कूलों के मूल्यांकन के लिए डैशबोर्ड फार्म भी छपवाए गए हैं। जिसमें बच्चों की प्रगति रिपोर्ट बनाई जाएगी। इसमें शिक्षकों की क्या प्राथमिकता हैं और किस विषय में किस बच्चे की क्या प्रगति है, स्कूल में प्रगति एवं विकास की सारी जानकारी भरी जाएगी। इस फार्म की स्कूलों में रहेगी, जबकि एक प्रति बीएसए कार्यालय में जमा करानी होगी। उसके आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।