शामली। पूर्वी यमुना नहर पर दस किमी तक पटरी के चौड़ीकरण और नहर किनारे सिमेंट का डौला बनाने का काम शुरू हो गया है। सिमेंट का डौला तैयार हो जाने के बाद वाहनों एवं यात्रियों की सुरक्षा पुख्ता हो जाएगी।
पूर्वी यमुना के किनारे जिला अस्पताल, सीएमओ कार्यालय, बिजलीघर, खेल स्टेडियम, विकास भवन, कलक्ट्रेट, जिलास्तरीय अफसरों के आवास, जिला जज न्यायालय, डीआईओएस, बीएसए कार्यालय और जिला कारागार प्रस्तावित है।
इनमें से कई कार्यालयों का निर्माण चल रहा है। करमूखेड़ी पुल से लेकर भैंसवाल गांव तक दस किमी लंबाई तक तत्कालीन डीएम ओपी वर्मा के प्रयास से पूर्वी यमुना नहर की दोनों पटरियों पर पक्की सड़क और नहर का दोनों ओर डौला बनाने के साथ ही जिला मुख्यालय के पास दो नहर पुल, नहर पक्की करने के लिए 44 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार करके शासन को भेजी थी।
शासन ने परियोजना को स्वीकृत करते हुए दस माह पूर्व दस करोड़ रुपये की प्रथम किश्त जारी कर दी थी। पूर्वी यमुना नहर की पटरी चौड़ीकरण का ज्यादातर कार्य पूरा हो चुका है। जिला मुख्यालय के पास नहर पर दो सेतु का निर्माण कार्य जारी है। दस किमी तक नहर की पटरी पर सिमेंट का डौला बनाने का काम शुरू हो गया है।
पूर्वी यमुना नहर खंड के अधिशासी अभियंता वीरपाल सिंह ने बताया कि परियोजना में ज्यादातर कार्य पूरा हो गया है। पटरी की जद में आ रहे पेड़ों के कटान, बिजली के खंभे हटाने का काम पूरा होने के बाद सड़क बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। परियोजना 31 मार्च 2018 में पूरी हो जाएगी। शासन से स्वीकृत दस करोड़ रुपये की धनराशि 31 मार्च 2017 में खर्च की जाएगी। प्रथम किश्त खर्च होने के बाद शासन से दूसरी किश्त मांगी जाएगी। डौला बनने से वाहनों की नहर से सुरक्षा होगी।