गांव बहावड़ी में मंदिर ठाकुरद्वारा के महंत हीरादास। संवाद
शामली। हत्या के बाद चर्चा में आए गांव बहावड़ी में स्थित प्राचीन ठाकुरद्वारा मंदिर गांव की पहचान है। बताया जाता है कि महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण हस्तिनापुर से कुरुक्षेत्र जाते हुए यहां पर रुके थे। मंदिर के पास तालाब में लगी पुरानी लखोरी ईंटें मंदिर के प्राचीन होने की गवाही दे रही है।
गांव बहावड़ी दो परिवारों के बीच वर्चस्व में हत्याओं को लेकर चर्चाओं में बना है। लेकिन गांव में स्थित प्राचीन ठाकुरद्वार मंदिर अपने में इतिहास को समेटे हुए हैं। महंत हीरादास ने बताया कि मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है। मंदिर में राधा-कृष्ण की मूर्ति श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।
मंदिर के बराबर में खाली पड़ी भूमि पर कुछ समय पूर्व ही हनुमान जी का मंदिर बनाया गया है। उनके अनुसार मंदिर के तालाब में लगी छोटे साइज की लखोरी ईंटें और शिलापट इसके प्राचीन होने का प्रमाण दे रही है। शिलापट पर अंकित शब्द अलग तरह की किसी प्राचीन भाषा में है, जिसे आज तक पढ़ा नहीं जा सका। महंत का कहना है कि महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण हस्तिनापुर से कुरुक्षेत्र जाते हुए यहां पर रुके थे।
गांव बहावड़ी में मंदिर ठाकुरद्वारा के महंत हीरादास। संवाद