चौसाना (शामली)। पहाड़ों में बारिश से यमुना का जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र में कटान शुरू हो गया है। गांव भड़ी में किसानों के खेतों में तीन फुट तक कटान हो गया। एक ठोकर का किनारा पानी में धंस गया और उसमें दरार आ गई, जबकि निर्माणाधीन छोटी ठोकर पानी में डूब गई, जिससे निर्माण कार्य रुक गया।
शनिवार को गांव भड़ी के किसानों के खेतों के पास निर्माणाधीन स्टड (छोटी ठोकर) पानी में डूब गए, जबकि ठोकर नंबर एक का एक तरफ का हिस्सा धंस गया। इसी ठोकर के बीच के हिस्से में दरार भी आ गई है और कई छोटी ठोकरें किनारों की ओर से पानी में चली गई। किसानों ने खेतों में करीब तीन फीट तक कटान होना बताया है। ड्रेनेज विभाग ने बढ़े जलस्तर के कारण ठोकरें बनाने का कार्य रोक दिया है। किसानों का कहना है कि हरियाणा की ओर बनाई गई ठोकरों से यमुना का बहाव उत्तर प्रदेश की ओर मुड़ गया है। इससे नदी का पानी सीधे यूपी के किनारों से टकरा रहा है और कटान बढ़ गया है। उनका कहना है कि पहली बार में पानी आने पर कटान शुरू हो गया।
बोले किसान
पुरानी भड़ी निवासी कामिल राणा ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि स्टड और ठोकर निर्माण में लापरवाही बरती गई। इस संबंध में डीएम से शिकायत भी की गई थी। अब यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो यमुना किनारे बसे कई गांवों को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसान नाजिम राणा ने कहा कि यमुना में पानी आने से खेतों में तेजी से कटान हो रहा है। पहली बार पानी आने पर ही ठोकर के बीच दरार आ गई और कई स्टड के किनारे पानी में धंस गए, जिससे चिंता बढ़ गई है।
किसान इस्फाक अली ने कहा कि कटान लगातार बढ़ रहा है और किसानों की उपजाऊ जमीन यमुना में समाती जा रही है। यदि समय रहते प्रभावी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में कई किसानों की जमीन और फसलें खतरे में पड़ जाएंगी।
मुजम्मिल राणा ने कहा कि यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो भविष्य में यमुना किनारे बसे गांवों की कृषि भूमि और आबादी दोनों पर खतरा बढ़ सकता है।
पिछले वर्ष भी यमुना में समा गई थी किसानों की कृषि भूमि
वर्ष 2025 में भी यमुना का जलस्तर बढ़ने से लक्ष्मीपुरा, भड़ी मुस्तफाबाद, सल्हापुर, नाई नगला और मंगलौरा समेत यमुना किनारे बसे गांवों के किसानों की हजारों बीघा कृषि भूमि तेज कटान के साथ यमुना नदी में समा गई थी। किसानों का कहना है कि अब तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला है। ऐसे में इस वर्ष फिर बढ़ते कटान ने यमुना किनारे बसे गांवों के किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।
लगातार बारिश और यमुना में बढ़े जलस्तर के कारण ठोकरों का निर्माण कार्य फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। जलस्तर सामान्य होने पर सोमवार से निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया जाएगा।
रामकुमार, अवर अभियंता, ड्रेनेज विभाग