शामली। इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में जिलाधिकारी ने मतदान के लिए बटन दबाया। बीप की आवाज के साथ वीवी पैट मशीन की हरी बत्ती जल गई। फिर सात सेकंड के लिए पर्ची दिखाई दी, जिस नंबर का बटन डीएम ने दबाया, वीवी पैट में दिखाई दी पर्ची में भी वही नंबर दर्ज था। फिर वह पर्ची वीवी पैट के बॉक्स में चली गई। ईवीएम और वीवी पैट से मतदान की यह पूरी प्रक्रिया मंगलवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में मीडिया कर्मियों को दिखाई गई।
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि ईवीएम और वीवी पैट पूरी तरह मैकेनिकल है, जिसमें किसी प्रकार की सॉफ्टवेयर डिवाइस का इस्तेमाल नहीं होता है। इसी कारण इसे हैक नहीं किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ईवीएम मशीन को कंट्रोल यूनिट और वीवी पैट से जोड़ रखा जाता है।
जैसे ही कोई मतदाता वोट डालने के लिए ईवीएम में बटन दबाता है, तो उसके साथ ही वीवी पैट मशीन में मतदान पर्ची प्रिंट हो जाती है। उस पर्ची को सात सेकंड के लिए मतदाता देख भी सकता है। ईवीएम और वीवी पैट पूरी तरह सुरक्षित इसलिए भी है, क्योंकि इसके इस्तेमाल से पूर्व ही बैटरी बॉक्स, कंट्रोल यूनिट, ईवीएम आदि पर सील लगा दी जाती हैं।
उससे कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकता है और यदि करता है तो सील टूटने पर उसका पता चल जाता है। किसी भी मतदेय स्थल पर मतदान संपन्न होने पर ईवीएम और कंट्रोल यूनिट में दर्ज मतदान की संख्या को अंकित किया जाता है, जिसका उल्लेख मशीन पर चिपकाई जाने वाले पर्चे और रजिस्टर में अंकित कर लिया जाता है। इसके बाद ईवीएम और वीवी पैट को सील करके बॉक्स में बंद कर दिया जाता है, जिसके बाद मतगणना के दौरान ही मशीनों को बॉक्स से बाहर निकाला जाएगा।
एक वीवी पैट में जमा हो सकती हैं 1500 तक पर्चियां
डीएम ने बताया कि वीवी पैट में 1500 तक पर्चियां इकट्ठा होने की व्यवस्था है। किसी भी बूथ पर अधिकतम वोटरों की संख्या 1400 है। मॉक पोल तथा मशीन के संचालन के दौरान निकलने वाली पर्चियों के लिहाज से ही वीवी पैट में 1500 पर्ची की व्यवस्था की गई है। एक ईवीएम पर अधिकतम 16 प्रत्याशी और एक नोटा का बटन होगा। यदि प्रत्याशियों की संख्या 16 से कम होगी, तो मशीन में ऐसी व्यवस्था है कि बाकी बटन क्लिप के जरिये ढक दिए जाते हैं। मतदाताओं को सिर्फ उतने ही बटन दिखाई देंगे, जितने प्रत्याशी होंगे।