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निरीक्षण में खुली स्वास्थ्य सेवाओं की पोल

Wed, 09 May 2018 12:05 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली।
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inspection - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। लखनऊ से आई राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की टीम ने शामली सीएचसी और कांधला सीएचसी का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने दोनों सीएचसी के लेबर रूम और महिला वार्ड का निरीक्षण किया तो स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। मंगलवार को शासन के आदेश पर लखनऊ से आए अरविंद त्रिपाठी सलाहकार एनएचएम और रीजनल कोआर्डिनेटर बलराम तिवारी शामली पहुंचे और सीएमओ डाक्टर राजकुमार से मुलाकात की।
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इसके बाद टीम ने डीपीएम यूनिट का निरीक्षण किया और उनसे रिकार्ड तलब किया। वह सीएचसी शामली पहुंचे और यहां चल रहे कार्य का भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने लेबर रूम में महिलाओं को दी जा रही सुविधाओं को जांचा और क्यूआई मेंटर से बात की। क्यूआई मेंटर से लेबर रूम में क्वालिटी को अच्छा करने के लिए क्या-क्या किया गया? पूछा गया तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। इस दौरान उन्होंने लेबर रूम में गंदगी पर अपनी नाराजगी जाहिर की। टीम ने कोल्डचेन सीएमएसडी और ब्लड यूनिट का निरीक्षण किया और चिकित्साधीक्षक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।  

दोपहर बाद टीम कांधला सीएचसी पहुंची। टीम ने देखा कि वहां पूरा दिन में एक भी मरीज नहीं आया और ओपीडी रजिस्टर में किसी की एंट्री नहीं मिली। टीम के सामने यह बात भी सामने आई कि सीएचसी से कुछ दूरी पर एक प्राइवेट अस्पताल है, जहां पर महिलाओं को डिलीवरी के लिए भेजा जाता है और इसमें अस्पताल में तैनात एक विवादित डाक्टर का हाथ है।  उधर सलाहाकर एनएचएम लखनऊ अरविंद त्रिपाठी ने बताय िक शामली सीएचसी और कांधला सीएचसी का निरीक्षण किया गया, शामली सीएचसी पर कुछ कमियां मिली है, इसके अलावा कांधला सीएचसी पर हालत बहुत खराब मिली, जिसके संबंध में रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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सभी सीएचसी प्रभारियों के वेतन रोकने के आदेश  

एनएचएम की टीम के निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि चिकित्सा अधीक्षकों द्वारा कोई रिपोर्ट नहीं गई। इस संबंध में नोडल एनएचम ने पूछा गया तो उन्होंने रिपोर्ट आने से इंकार कर दिया। पता लगा कि पूर्व में कई बार लेटर डीपीएमयू यूनिट द्वारा जारी किया जा चुका है, लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। इस पर सीएमओ ने मामले में सभी चिकित्सा अधीक्षकों के वेतन रोकने के आदेश दे दिए।
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