शामली। छह महीने से जेल में बंद बजरंग दल का जिला संयोजक विवेक प्रेमी शुक्रवार को कोर्ट के आदेश पर रिहा कर दिया गया। मुजफ्फरनगर जिला कारागार के गेट से बाहर निकलने पर समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया।
मुजफ्फरनगर में ही शिवचौक पर पहुंचकर विवेक प्रेमी ने पूजा की। वहां भी समर्थकों ने गर्मजोशी से विवेक का फूल माला पहनाकर और ढोल के साथ स्वागत किया। इसके बाद समर्थकों के साथ विवेक प्रेमी शामली के लिए रवाना हुआ। गौरतलब है कि शामली में गोवंश चोर को पकड़ने के बाद सरेआम पिटाई करने के आरोप में बजरंग दल के जिला संयोजक विवेक प्रेमी और उनके एक साथी को पकड़ा गया था। आरोपी की सरेआम पिटाई करने की वीडियो वायरल होने के बाद चौतरफा दबाव बनने पर जिला प्रशासन ने 10 जुलाई 2015 को विवेक प्रेमी पर रासुका लगाया था। तब से विवेक मुजफ्फरनगर जिला कारागार में बंद था।
ये था मामला ः 25 जून 2015 को बजरंग दल के जिला संयोजक विवेक प्रेमी और उनके संगठन के कार्यकर्ताओं ने नवीन मंडी स्थल पर विचरण करने वाले गोवंश को वध करने के उद्देश्य से चोरी कर ले जा रहे दूसरे समुदाय के युवक को पकड़ लिया था, जबकि दो आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पकड़े गए आरोपी रियाज निवासी जवाहर नगर बनत को पिटाई करते हुए पुलिस को सौंप दिया था। आरोपी के पक्ष में आए लोगों द्वारा दबाव बनाने पर पुलिस प्रशासन ने मुकदमा दर्ज कर धारा 153 ए जोड़ते हुए विवेक प्रेमी पर रासुका की संस्तुति कर दी थी। डीएम ओपी वर्मा के आदेश पर 10 जुलाई को जिला कारागार में रासुका तामील कराई गई थी।
इसी माह दो जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विवेक प्रेमी पर लगी रासुका निरस्त की। इसके बाद गोवंश चोर की पिटाई के मामले में जमानत के लिए कैराना स्थित न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया। कई बार तारीख लगने के बाद बृहस्पतिवार को ही उसकी जमानत मंजूर हुई। शुक्रवार को जमानत प्रपत्र न्यायालय में जमा कराए गए, जिसके बाद न्यायालय ने विवेक प्रेमी की रिहाई का आदेश जारी किया।
घर पर मनाया गया नया साल
शामली। शुक्रवार को विवेक प्रेमी के रिहा होने की खबर जैसे ही उसके घर वालों को मिली, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। थोड़ी ही देर में रिश्तेदारों को भी फोन कर विवेक के रिहा होने की सूचना दे दी। जिसके बाद विवेक की मामा, मामी समेत बुआ व नानी भी घर पहुंच गए। घर में खुशी का माहौल है। बच्चों का शोर देखकर ऐसा लग रहा है, जैसे यहां कोई शादी हो। विवेक की मां पूनम की खुशी उसकी आंखों में दिख रही है। पूनम ने बताया कि छह माह हो गए इंतजार करते-करते। आज हमारा नया साल मनेगा। हमारा बच्चा इतने दिन बाद घर आ रहा है। मेरठ से आई विवेक की बुआ अमृता ने बताया कि हमने तो आस छोड़ दी थी।
अब खुशी इस बात की है कि ऊपर से ही उसकी रासुका निरस्त हुई है। विवेक के घर पर रिश्तेदारों के साथ-साथ बच्चे भी आए हुए हैं। घर में शोर शराबे के बीच लगातार फोन पर फोन आ रहे हैं और उसके परिजन अपनी खुशी बांट रहे हैं। विवेक के घर पर मेरठ से फूफा दिलीप, दिल्ली नांगलोई से छोटी बुआ रंजना व फूूफा अनिल, मुजफ्फरनगर से मामा गौरव व मामी निशा, नानी शकुंतला व पानीपत से उसका खास दोस्त मोहित भी पहुंच गया है।