पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन
ऊन। गांव लक्ष्मणपुरा में ढाबे पर हुए हंगामे के मामले में ग्रामीणों ने समाधान दिवस में पहुंचकर प्रदर्शन किया और जांच की मांग की। लोगों ने दो सिपाहियों पर ढाबा संचालक से एक लाख रुपये महीने की मांग करने का आरोप लगाया। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर डोडा बेचने के झूठे मामले में कार्रवाई कर दी।
गांव लक्ष्मणपुरा के ग्रामीणों ने झिंझाना पुलिस पर ढाबा संचालक से एक लाख रुपये प्रतिमाह मांगने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि 18 अक्तूबर की रात्रि निजी कार से तीन व्यक्ति ढाबे पर आए तथा ढाबा संचालक प्रवीण कुमार व चतर सिंह से कहा कि तुम डोडा बेचते हो। यह कहकर एक लाख रुपये प्रतिमाह देने की मांग की। जब ढाबा संचालक ने विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने दो व्यक्तियों को पकड़ लिया।
पूछताछ पर पता चला कि दोनों झिंझाना पुलिस के सिपाही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इन सिपाहियों ने अपने नाम सुनील व नितिन बताए थे। दोनों ने फोन कर पुलिस को बुला लिया तथा बिजेंदर, बीनू व एक अन्य व्यक्ति को उठा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि बिजेंदर व बीनू का चालान कर दिया, जबकि तीसरे व्यक्ति का कुछ पता नहीं चला।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस तीसरे व्यक्ति का एनकाउंटर कर सकती है। इस मामले से जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ग्रामीणों ने डीएम जसजीत कौर से प्रकरण की जांच करा कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत करने वालों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक सैनी, धर्मेंद्र कांबोज, माम कौर, श्याम कश्यप, मुल्क सिंह, अश्वनी शर्मा, राकेश, राजेश आदि शामिल रहे।
यह था मामला...
लक्ष्मणपुरा स्थित ढाबे पर रविवार रात ग्रामीणों ने सादे कपड़ों में पहुंचे पुलिस कर्मियों को घेर लिया था। घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीणों द्वारा घेरे गए दो युवक खुद को पुलिसकर्मी बता रहे हैं तथा इनमें से एक के हाथ में कुछ सामान है। वीडियो में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि दोनों युवक ढाबा संचालक से एक लाख रुपये की मांग कर रहे थे। मामले में पुलिस ने ढाबे से करीब साढ़े नौ किलो डोडा पोस्त बरामद होना बताते हुए एक व्यक्ति का चालान किया था।