शामली। ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद उनकी प्रशासक के रूप में तैनाती तो कर दी गई, लेकिन नई कार्ययोजनाओं को स्वीकृति नहीं मिलने से गांवों में विकास कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं।
सोमवार को शामली ब्लॉक कार्यालय में अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में गांवों के प्रशासकों ने विकास कार्यों को लेकर अपनी समस्याएं और राय रखी और जल्द नई कार्ययोजनाओं को मंजूरी दिलाने की मांग की।
धनेना गांव के प्रशासक संजीव ने बताया कि सफाई कर्मचारियों और पंचायत सहायकों को मानदेय दिए जाने के आदेश हैं। नाला सफाई का कार्य कराया गया है और पंचायत सहायकों को मानदेय भी दिया गया है। नए कार्यों की कार्ययोजना डीएम के अनुमोदन के लिए भेजी गई है, लेकिन अभी अनुमति नहीं मिली है।
चूनसा की प्रशासक सुमन देवी ने बताया कि पहले पांच लाख रुपये तक के कार्य प्रधान अपने स्तर से स्वीकृत कर टेंडर के माध्यम से करा देते थे। अधिक लागत वाले कार्य डीएम के अनुमोदन के बाद शुरू होते थे। अब प्रशासक नियुक्त होने के बाद नए कार्यों के लिए डीएम से अनुमोदन लेना है। इसकी स्वीकृति का इंतजार है।
बहावड़ी की प्रशासक निर्मला देवी के प्रतिनिधि बंटी मलिक ने कहा कि शासन से गाइडलाइन नहीं आने के कारण गांव में नए विकास कार्य ठप पड़े हैं।
तलबा माजरा के प्रशासक विनोद पंवार ने बताया कि सड़क, नाली, तालाब खोदाई, जल निकासी और सफाई से संबंधित कार्यों की कार्ययोजना लंबित है। इन कार्यों पर करीब 15 से 20 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। डीएम की स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू कराया जाएगा।
भाजू गांव के प्रशासन धीरज कुमार उर्फ बोबी और भिक्का माजरा गांव के धीरेंद्र कुमार मलिक ने बताया कि दोनों गांवों की नई कार्ययोजनाओं को शुरू करने की अनुमति नहीं मिल रही है। सीसी सड़क, खड़ंजे और कमरे के नव निर्माण से संबंधित पत्रावलियां लंबित हैं।
शामली क्षेत्र पंचायत समिति की प्रशासक मुन्नी देवी के पति जयदेव मलिक ने बताया कि करीब एक करोड़ रुपये की कार्ययोजना डीएम के अनुमोदन के लिए भेजी गई है। अनुमति मिलने के बाद क्षेत्र पंचायत के विकास कार्य शुरू कराए जा सकेंगे।
अभी जिले के किसी भी गांव की कार्ययोजना लखनऊ से उपलब्ध नहीं हो पाई है। कार्ययोजना मिलने के बाद ही उसका अनुमोदन कराया जाएगा।
— संदीप अग्रवाल, डीपीआरओ