एआरटीओ कार्यालय पर धरना देते भाकियू कार्यकर्ता। संवाद
शामली। भाकियू टिकैत के कार्यकर्ताओं ने खेत से चारा लाने में इस्तेमाल किए जा रहे पांच बाइक रेहड़े पकड़े जाने के विरोध में एआरटीओ कार्यालय पर करीब साढ़े चार घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने एआरटीओ प्रवेश कुमार पर फोन पर किसी अन्य से बातचीत के दौरान भाकियू के संस्थापक अध्यक्ष चौ. महेंद्र सिंह टिकैत के प्रति अमर्यादित शब्द कहने का भी आरोप लगाया। बाद में बाइक रेहड़े छोड़ने पर कार्यकर्ताओं ने धरना खत्म किया।
एआरटीओ प्रवेश कुमार ने शहर में सड़क पर दौड़ रहे किसानों के पांच बाइक रेहड़ों को जब्त कर कार्यालय पर खड़ा करा लिया था। इसकी जानकारी मिलने पर सोमवार को सुबह करीब 11 बजे भाकियू कार्यकर्ता एआरटीओ कार्यालय पहुंचे और उन्होंने कार्यालय परिसर में प्रदर्शन करते हुए धरना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने एआरटीओ के विरुद्ध नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि गरीब किसान-मजदूर अपने खेत से पशुओं का चारा लाने में बाइक रेहड़े का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें एआरटीओ ने पकड़ लिया। जिले में ओवरलोड व डग्गामार और अन्य वाहन अवैध रूप से सड़कों पर दौड़ रहे हैं। उनके खिलाफ परिवहन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने एआरटीओ पर बाइक रेहड़े पकड़कर किसानों का बेवजह उत्पीड़न करने का आरोप लगाया।
भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष प्रभात मलिक ने आरोप लगाया कि एआरटीओ ने मोबाइल फोन पर किसी अन्य से बात करते हुए भाकियू के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के बारे में अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि जब तक एआरटीओ इसके लिए माफी नहीं मांगते तब तक धरना जारी रहेगा।
उन्होंने किसानों के जब्त किए गए बाइक रेहड़े छोड़ने और आगे इस तरह की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। दोपहर बाद शाम करीब साढ़े तीन बजे एआरटीओ धरना स्थल पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से बात की। उन्होंने किसानों के बाइक छोड़े जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा और बेवजह किसी को परेशान नहीं किया जाएगा। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने धरना खत्म किया। धरने पर अमरपाल बालियान, योगेंद्र पंवार, अजीत सिंह, अरविंद कुमार, भूरा, बिंदु व नीटू शर्मा आदि मौजूद रहे।
उधर, एआरटीओ प्रवेश कुमार ने बताया कि उन्होंने भाकियू के संस्थापक अध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के बारे में कोई अमर्यादित शब्द नहीं कहे। उन पर लगाए आरोप निराधार है। किसानों की जो समस्याएं थी, उनका समाधान कर दिया गया है।