जुमे की नमाज के दौरान नहीं दिखी सजगता
शामली। जुमे की नमाज अदा करने गए लोग कोरोना वायरस के बचाव के प्रति सजग नहीं दिखे। नमाज के दौरान सैनिटाइजर का इस्तेमाल नहीं हुआ और न मास्क लगाया गया था। नमाज पढ़ने के बाद लोग अपने घरों को चले गए। हालांकि मौलानाओं का कहना है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए एहतियात बरतने का पैगाम दिया गया है।
देश में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने भीड़ में जाने से परहेज करने की सलाह दी है। शुक्रवार दोपहर जुमे की नमाज के लिए हर बार की तरह लोग पहुंचे। नमाज के दौरान लोगों में कोरोना वायरस से बचाव के लिए कोई सजगता नहीं दिखी। जुमे की नमाज के दौरान शांति व्यवस्था के लिए धर्मस्थलों के निकट पुलिस बल तैनात रहा।
कोट
- समाज के लोगों को कोरोना से बचाव के लिए एहतियात बरतने का पैगाम दिया गया है। लोगों से कहा है कि खुद सजग रहें और दूसरों को भी करें। - मौलाना अय्यूब।
- जुमे की नमाज के दौरान सैनिटाइजर का इस्तेमाल तो नहीं किया, लेकिन कुछ लोगों ने मास्क लगाया था। लोगों को पैगाम दिया है कि एहतियात बरतें। - मौलाना साजिद, सदर जमीयत उलेमा ए हिंद।
- कोरोना वायरस से बचाव के लिए दो दिन पहले धर्म गुरुओं से वार्ता की गई है। मदरसों और धर्मस्थलों में कोरोना वायरस से बचाव के संदेश भिजवाए गए। कोरोना से बचाव संबंधित पोस्टर चस्पा कराए हैं। - डा. संजय भटनागर, सीएमओ।
-- कोरोना के प्रकोप से मुल्क को बचाने की दुआएं
कैराना। जुमे की नमाज के दौरान मुल्क को कोरोना के प्रकोप से बचाने के लिए दुआ की गई। शुक्रवार को कैराना क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। कोरोना वायरस के बचाव के लिए भीड़ इकट्ठा न होने और एक मीटर की दूरी पर रहने की सलाह दिए जाने का जुमे की नमाज पर असर नहीं दिखा। एक दिन पूर्व धार्मिक गुरुओं ने लोगों को अपने-अपने घरों पर नमाज अदा करने की अपील की थी, लेकिन जुमे की नमाज लोगों ने मस्जिदों में पहुंचकर अदा की। जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना ताहिर हसन ने बताया कि देवबंद दारुल उलूम से नमाज के संबंध में कोई एडवाइजरी जारी नहीं हुई है।