शामली। जिले के पांचों ब्लॉकों में सबसे ज्यादा चर्चित चुनाव कांधला ब्लॉक का रहा। यहां भाजपा प्रत्याशी मांगेराम मलिक की जीत की राह में भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री विरेंद्र सिंह ही दीवार बन गए। चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की तो हार हुई, लेकिन भाजपा नेता विरेंद्र सिंह के प्रत्याशी विनोद मलिक को जीत मिली। गांव जसाला में निर्दलीय प्रत्याशी की जीत का शानदार जश्न मनाया गया।
कांधला ब्लॉक में गांव मखमूलपुर निवासी विनोद मलिक और इसी गांव के मांगेराम मलिक ब्लॉक प्रमुख पद के दावेदार थे। भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री विरेंद्र सिंह विनोद मलिक को भाजपा से टिकट दिलाना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने मांगेराम मलिक को चुना। प्रत्याशी की घोषणा से पहले ही विरेंद्र सिंह विनोद मलिक के पक्ष में चुनाव का माहौल बना चुके थे। उनके पक्ष में कई बीडीसी सदस्य हो गए थे।
भाजपा के मांगेराम मलिक को प्रत्याशी घोषित करने के बावजूद विरेंद्र सिंह निर्दलीय प्रत्याशी विनोद मलिक के साथ खड़े रहे। उनके कारण विरेंद्र सिंह की स्थिति शुरुआत से ही मजबूत बनी हुई थी। शुक्रवार को गन्ना मंत्री सुरेश राणा पूर्व मंत्री के आवास पर पहुंचे थे, लेकिन बात नहीं बनी। शनिवार को मतदान के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी विनोद अपनी जीत को लेकर आश्वस्त थे। तीन बजे के बाद मतगणना हुई, तो उन्हें 15 वोटों से विजयी घोषित किया गया।
इससे उनके समर्थकों में उत्साह फैल गया। जीत के बाद वह जसाला में पूर्व मंत्री के आवास पर पहुंचे। समर्थकों ने पूर्व मंत्री विरेंद्र सिंह और विनोद मलिक का फूल मालाओं से स्वागत किया। अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ खड़े निर्दलीय को जिताकर विरेंद्र सिंह ने कांधला ब्लॉक की राजनीति में एक बार फिर से अपना दबदबा कायम रखा।