शामली। दूसरों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाने वाले जिले के कई जिम्मेदार अधिकारी खुद ही नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। पड़ताल में तहसीलदार से लेकर नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी और पुलिस चौकियों के सरकारी वाहनों के कागजात अधूरे पाए गए। किसी वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र समाप्त मिला तो कई वाहनों की फिटनेस अवधि भी खत्म हो चुकी थी। इसके बावजूद अफसरों के ये वाहन सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं।
पड़ताल में सामने आया कि गढ़ीपुख्ता थाना प्रभारी के सरकारी वाहन यूपी 19 जी 0082 की फिटनेस सात अक्तूबर 2025 को समाप्त हो चुकी है, जबकि प्रदूषण प्रमाणपत्र 23 सितंबर 2025 तक ही वैध मिला। इसी तरह कैराना के नायब तहसीलदार के वाहन यूपी 19 जी 0091 का प्रदूषण प्रमाणपत्र 18 मई 2023 को ही समाप्त हो चुका है। ऊन तहसीलदार के वाहन यूपी 19 जी 0080 की फिटनेस 30 नवंबर 2017 को समाप्त हो चुकी है, जबकि प्रदूषण प्रमाणपत्र 22 नवंबर 2022 तक ही वैध मिला। ऊन पुलिस चौकी के वाहन यूपी 19 जी 0075 का प्रदूषण प्रमाणपत्र 25 दिसंबर 2024 को समाप्त हो चुका है।
थानाभवन थाना प्रभारी के वाहन यूपी 32 ईजी 3043 का प्रदूषण प्रमाणपत्र तीन जून 2026 तक ही वैध था। चौसाना चौकी प्रभारी के वाहन यूपी 19 जी 0096 की फिटनेस 23 फरवरी 2024 को समाप्त मिली, जबकि प्रदूषण प्रमाणपत्र 28 जून 2025 तक ही वैध पाया गया।
आदर्श मंडी थाना प्रभारी के वाहन यूपी 19 जी 0097 का प्रदूषण प्रमाणपत्र चार अक्तूबर 2025 तक ही वैध मिला। वहीं, कोतवाली शामली के वाहन यूपी 32 ईजी 8226 का प्रदूषण प्रमाणपत्र दो अप्रैल 2025 को समाप्त हो चुका है। संवाद
हर माह 1200 चालान
जिले में यातायात नियमों के उल्लंघन पर हर महीने सख्ती दिखाई जाती है। परिवहन विभाग की ओर से दोपहिया, चारपहिया और अन्य वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर हर माह 1200 से अधिक चालान किए जाते हैं। लेकिन जिम्मेदार विभागों और अधिकारियों के सरकारी वाहन आधे अधूरे प्रमाण पत्रों के साथ दौड़ना निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोग मोंटी कुमार, यामीन का कहना है कि जब आम नागरिक से प्रदूषण प्रमाणपत्र और अन्य कागजात की जांच के नाम पर सख्ती बरती जाती है, तो सरकारी वाहनों और अधिकारियों को भी उसी कसौटी पर परखा जाना चाहिए।
बोले जिम्मेदार
थाना प्रभारियों, पुलिस और अन्य अधिकारियों द्वारा वाहनों का प्रदूषण प्रमाणपत्र और फिटनेस समय से न कराना गंभीर मामला है। अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - प्रवेश कुमार, एआरटीओ शामली
सभी थाना प्रभारियों समेत अन्य अधिकारियों को यातायात नियमों का पालन करने के निर्देश दिए जाएंगे। यदि किसी वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र या फिटनेस समाप्त मिली तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी शामली
नियमों की अनदेखी पर इतना हो सकता है जुर्माना
एआरटीओ के अनुसार बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र वाहन चलाने पर 10 हजार रुपये तक चालान का प्रावधान है। जिन वाहनों की फिटनेस समाप्त मिली, उन पर पांच हजार रुपये तक चालान किया जा सकता है।
पड़ताल... ऊन तहसीलदार की गाड़ी, जिसका प्रदूषण 2022 में खत्म हो चुका
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