शामली। जिले में कोवैक्सीन की कमी के चलते टीका उत्सव के पहले दिन टीकाकरण बाधित रहा। जिले में कोवैक्सीन के चल रहे 11 बूथों में नौ बूथ पर टीकाकरण बंद रहा। सिर्फ रेलवे अस्पताल और कुड़ाना सीएचसी पर इस वैक्सीन के टीके लगाए गए। इन दोनों बूथ पर जिन व्यक्तियों को इस वैक्सीन की पहली डोज के टीके लगाए गए, उन्हें दूसरी डोज का टीका लगवाने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
शासन द्वारा कोरोना संक्रमण बढ़ने पर कोरोनारोधी टीकाकरण को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके चलते 11 अप्रैल से 14 अप्रैल तक चार दिन टीका उत्सव के रूप में कोरोनारोधी टीकाकरण ज्यादा से ज्यादा किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजकुमार सागर ने बताया कि जिले में अभी तक 55 बूथों पर टीकाकरण चलाया जा रहा था। इनमें रेलवे स्टेशन, कुड़ाना सीएचसी, पीएचसी बनत, पीएचसी लांक, स्वास्थ्य केंद्र सिक्का, हाथी करौदा, बुटराड़ा, पीएचसी सिलावर, हेल्थ वेलनेस सेंटर काबड़ौत और सोंटा इन 11 बूथों पर कोवैक्सीन का टीका लगाया जा रहा था। बाकी 45 बूथों पर कोविशील्ड वैक्सीन के टीके लगाए जा रहे थे। इन सभी बूथों पर 7500 व्यक्तियों को टीकाकरण का लक्ष्य रखा जाता था, जिनमें कोवैक्सीन के 11 बूथों पर 1200 व्यक्तियों को टीके लगाए जा रहे थे।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने टीका उत्सव के दौरान तीन बूथ और बढ़ाकर आठ हजार व्यक्तियों को टीका लगाने का लक्ष्य रखकर तैयारी की गई थी, लेकिन कोवैक्सीन की कमी के चलते स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां धरी रह गई। कोविशील्ड की 15 हजार डोज तो स्वास्थ्य विभाग को मिल गई, लेकिन कोवैक्सीन की डोज मिलने की अभी कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने टीका उत्सव के पहले दिन रविवार को कोवैक्सीन के नौ बूथों पर टीकाकरण बंद रखा। केवल रेलवे अस्पताल और कुड़ाना सीएचसी पर कोवैक्सीन के टीके लगाए गए।
उन्होंने बताया कि कोवैक्सीन की मात्र 540 डोज बची होने के कारण दो बूथ पर ही टीकाकरण किया गया। कोविशील्ड की 15 हजार डोज और मिली है। इस वैक्सीन की और डोज जल्द मिलने की उम्मीद है, जबकि कोवैक्सीन मिलने के बारे में अभी स्पष्ट नहीं है।
शामली सीएचसी में टीका लगवाने से पूर्व रजिस्ट्रेशन करवाते लोग- फोटो : SHAMLI